मेरठ/मोदीपुरम। वेस्ट यूपी में देर से पहुंची मानसून एक्सप्रेस की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है। कान्हा के जन्मदिन पर तो मेघ इस कदर बरसे कि जनजीवन ठहर गया। शहर की सड़कों पर दो-दो फीट पानी खड़ा हो गया। भीषण जलभराव में यह पता नहीं चल पा रहा था कि सड़क कहां है और नाला कहां है। घरों, दुकानों में पानी घुस गया। शहर की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गयी। लोग घरों में कैद रहे। बागपत रोड, रोहटा रोड सहित अधिकतर मार्गों पर हालत ज्यादा खराब रही।
सोमवार सुबह 10 बजे से ही बारिश रुक रुककर हो रही थी। लेकिन दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक घना अंधेरा छा गया और करीब आधा घंटा तक जोरदार बारिश हुई। उसके बाद कुछ देर के लिए रिमझिम बारिश होती रही। लेकिन फिर दोबारा से तेज बारिश से पूरे शहर में पानी ही पानी हो गया। शहर के छोटे और बड़े नाले उफन गए। बागपत रोड पर सबसे अधिक जलभराव हुआ। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन पानी में ही बंद हो गए। लोगों ने किसी तरह वाहनों को वहां से निकाला।
इसके अलावा रोहटा रोड का हाल किसी से छुपा नहीं है। शहर के हालात इतने खराब हुए कि निचले इलाकों के अलावा पॉश एरिया की सड़कें भी जलमग्न हो गईं। साकेत, सिविल लाइन, रुड़की रोड से लेकर बच्चा पार्क, खैरनगर चौराहा, शंकर आश्रम, एनएएस कॉलेज, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, नौचंदी थाना मार्ग, प्रह्लाद नगर-हापुड़ अड्डा मार्ग, दिल्ली रोड, ब्रह्मपुरी, पंजाया सहित अधिकतर सभी इलाकों में जलभराव हुआ।
सड़कों पर भ्रष्टाचार के गहरे गड्ढे
मेरठ। बारिश के पानी से भ्रष्टाचार से बनी सड़कें भी धुल रही हैं। छह माह और एक साल पहले बनी सड़कें भी गहरे गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। जिन गड्ढों को हाल में ही भरा गया था, वह और ज्यादा गहरे हो गए हैं। ये गड्ढे कब अनहोनी का कारण बन जाएं, किसी को नहीं पता। कारण है कि अधिकतर उन सड़कों पर अधिक गहरे गड्ढे हैं, जहां पर जलभराव अधिक होता है। बागपत रोड, दिल्ली रोड, शारदा रोड, सरस्वती लोक मार्ग, खत्ता रोड, घंटाघर से छतरीवाला पीर, खैरनगर, बुढ़ाना गेट, इंदिरा चौक मार्ग, ईव्ज चौराहा से कचहरी मार्ग, कचहरी नाला पटरी मार्ग सहित अधिकतर इलाकों के छोटे मार्ग टूटे पड़े हैं। अधिकांश सड़कों का हाल बारिश में ही खराब हुआ है।
अतुल माहेश्वरी सेतु का बुरा हाल
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित अतुल माहेश्वरी सेतु पर भी दोनों तरफ कई जगह से सड़क टूट गई है। यहां भी गहरे गड्ढे हो गए हैं। वाहन चालक इन गड्ढों में फंसकर चोटिल हो रहे हैं। अगर इन गड्ढों को जल्द न भरा गया तो ये किसी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। वहीं, पथ प्रकाश की व्यवस्था भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। दिन ढलते ही जहां पूरा पुल जगमग होना चाहिए, वहां अधिकांश यहां अंधेरा ही रहता है। जिसके चलते लोगों को गड्ढों का पता नहीं चल पाता। यह फ्लाईओवर पीडब्लूडी और रेलवे विभाग के अधिकार क्षेत्र में हैं। लेकिन दोनों में से किसी विभाग को आम जनता को हो रही भारी परेशानी नहीं दिख रही है।
भादो में सावन की कसर पूरी
मोदीपुरम। इस बार सावन कम बरसा तो उसकी कसर भादो मास में झमाझम बारिश से पूरी हो रही है। इन दो दिनों में ही 83 मिमी बारिश हो चुकी है। इससे जहां मौसम सुहाना हो गया तो गर्मी से भी राहत मिल रही है। सोमवार दोपहर करीब दो घंटे में ही 49.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश एक बार तो इतनी तेज थी कि हाईवे पर वाहन की रफ्तार थम गई और वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 100 व न्यूनतम 78 प्रतिशत दर्ज की गई। आईआईएफएसआर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष का कहना है कि अभी बारिश की जरूरत है। यह बारिश काफी लाभकारी है। दिन का तापमान बारिश के चलते सामान्य से 3 डिग्री कम था। रविवार को 33.4 मिमी बारिश हुई थी। मंगलवार को भी बारिश होने के आसार हैं।
खास बातें:
02-02 फीट खड़ा हो गया सड़कों पर पानी, घरों में कैद हुए लोग
- बारिश के पानी में नहीं पता चला नाले और सड़क का
- निचलों के साथ पॉश इलाके भी हुए जलमग्न