सोशल मीडिया से लिखी जा सकती है सफलता की इबारत
मेरठ। बेटा सोशल मीडिया और फोन के सही इस्तेमाल से सफलता की इबारत लिखी जा सकती है। सोशल मीडिया के प्रति संजीदगी रखने और साइबर क्राइम से बढ़ते ग्राफ के प्रति चिंता जताते हुए यह बात एसपी सिटी रणविजय सिंह ने कही। बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सेंट जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल कैंट में पुलिस की पाठशाला हुई। पाठशाला का शुभारंभ एसपी सिटी रणविजय सिंह ने किया। स्कूल प्रधानाचार्य चंद्रलेखा जैन ने स्वागत किया। एसपी सिटी ने छात्रों को अपने मोबाइल की कॉल डिटेल दिखाई तो रात 12बजे से लेकर सुबह 9.30 बजे तक 50 से अधिक कॉल्स थी। जिसे सुनकर छात्र अचंभित रह गए। उन्हें लगा कि हमारी सुरक्षा करने वाली पुलिस वाकई कितना प्रेशर झेलती है। गंभीर बातों, सीखने-सिखाने के दौर में रूपाली नामक छात्रा के सवाल पर एसपी सिटी ने उसे रुमाली कहकर संबोधित किया तो सभी हंसने लगे। प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन ने आभार जताया।
18 साल का होना यानि कुछ भी करो
एसपी सिटी ने कहा टीन एज बिहेवियर आज समाज की बड़ी समस्या है।18 साल के होते ही हर युवा यही सोचता है कि वह कुछ भी करने के लिए आजाद हो गया। पुलिस की पाठशाला के माध्यम से वो सही प्लेटफार्म मिला है जहां हम देश के भविष्य से बात कर सकते हैं।
कोई नहीं चाहता बच्चे बिगडे़
एसपी सिटी ने छात्रों से कहा कि सोशल मीडिया, मोबाइल को अच्छाई के लिए प्रयोग करो। आईडी हैक, सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाना, भड़काऊ पोस्ट करना सभी साइबर क्राइम है। कोई मां बाप नहीं चाहते उनके बच्चे बिगड़े। हर पैरेंट्स का सपना बच्चों को अच्छा करियर देना, उन्हें सफल होते देखना है। लेकिन बच्चे बिगड़ते हैं इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं।
पुलिस के बिना नहीं गुजार सकते एक दिन
सेंट जोेंस स्कूल की प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा हम पुलिस के बिना एक दिन भी नहीं गुजार सकते। सेना के जवान सीमा पर तैनात होकर हमारी रक्षा करते हैं, लेकिन शहर के भीतर, 24 घंटे सातों दिन पुलिस हमारी सुरक्षा करती है। पुलिस के कारण ही हम समाज में सुरक्षित हैं।
छात्रों के सवाल एसपी सिटी के जवाब
आप पुलिस में कैसे आए? ऋतिक
बिहार के बहुत छोटे जिले मोतिहारी से ताल्लुक रखता हूं। वहीं ग्रामीण विद्यालय से शिक्षा पाई। स्कूल से कॉलेज तक हमेशा अव्वल रहा। बिहार बोर्ड टॉप किया। 2004 में यूपी पुलिस ज्वाइन किया।
पुलिस ऑफिसर बनने के लिए क्या करें? रिंजिन जॉन
ग्रेजुएशन के बाद सिविल सर्विसेज की परीक्षा देकर एक पुलिस ऑफिसर बना जा सकता है। इस परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए तैयारी पहले से भी की जा सकती है।
हम अपना आचरण कैसे बदल सकते हैं? सिद्धि बंसल
खुद को बदलने के लिए हमें अपनी सोच बदलनी होगी। मेहनत के बल पर सफलता हासिल करने वाले लोगों के बारे में पढ़ें, उनको प्रेरणास्रोत बनाएं। सही गलत को समझना होगा।
पुलिस अमीर को छोड़ती है, गरीब को सजा देती है क्यों? अली रहमान
देश में कई बड़े केस हैं जिसमें नामचीन लोगों को पुलिस ने पकड़ा कार्रवाई भी हुई। कानून व्यवस्था बनाना पुलिस की जिम्मेदारी है जिसे हम निभाते हैं। पुलिस के लिए सब समान हैं।
सफलता पाने को आपने क्या किया? रुपाली
आत्म विश्वास सबसे बड़ी चीज है। अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पाने के लिए मेहनत करें। स्व:अनुशासित होकर खुद के बारे में सोचा और सफलता मिली।
पुलिस की नौक री के प्रेशर को कैसे झेलते हैं? अदिति
पुलिस की नौकरी यानि हर वक्त निगेटिव लोगों से मिलना, उनसे घिरे रहना। मेरे सामने कई पेशे थे लेकिन देशसेवा के जज्बे के कारण मैंने पुलिस को चुना। सेल्फ मोटिवेशन से ही प्रेशर झेलता हूं।
पुलिस से दोस्ती अच्छी है दुश्मनी नहीं ऐसा क्यों कहते हैं? अरीश सिद्दीकी
बचपन से ही बच्चे के मन में पुलिस का भय डाल देते हैं। हर पुलिसवाला बिना वर्दी के एक आम आदमी है, हर आम आदमी अपने दायित्वों को समझे वो पुलिसवाला है।
महिला अपराध नियंत्रित करने के लिए पुलिस क्या कर रही है? भानी
महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस समर्पित है। 1090 वूमन पावर लाइन जहां कोई भी लड़की अपनी पहचान बताए बिना शिकायत दर्ज करा सकती है। 100 नंबर हमेशा काम करता है।
खास बातें:
- पुलिस की पाठशाला में एसपी सिटी ने छात्रों को दी सीख
- सेंट जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लगी पुलिस की पाठशाला
- अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हुआ आयोजन