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पॉलिथीन पर सरकारी मशीनरी निभा रही औपचारिकता

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पॉलिथीन के खिलाफ अभियान रह गया सिर्फ औपचारिकता
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मेरठ। प्रदेश को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए सरकारी मशीनरी गंभीर नहीं है। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अभी तक सभी सरकारी विभागों ने मिलकर पांच क्विंटल पॉलिथीन भी बरामद नहीं की है। शहर में ठेलों से लेकर छोटी और बड़ी दुकानों पर पॉलिथीन देखी जा सकती है।

डीएम ने बनाईं थीं टीमें
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, डूडा, एमडीए, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम सहित सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों की टीम गठित की थी। जिसमें 250 से अधिक अधिकारी व कर्मचारियों को शामिल किया था। सभी टीमों को नगर निगम के 90 वार्डों में प्रतिदिन छापेमारी करके पॉलिथीन जब्त करनी थी। पॉलिथीन बेचने और उपयोग करने वालों पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया था। लेकिन डीएम के किसी भी आदेश पर अमल नहीं हुआ।
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पहले दिन निकली थी अधिकारियों की टीम
सीएम के आदेश के बाद नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, एडीएम सिटी, एएसपी, अपर नगरायुक्त, एसपी सिटी और निगम के अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से बेगमपुल से पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाया था। एक ही दिन में दो क्विंटल पॉलिथीन पकड़ने का दावा किया गया था। उसके बाद केवल औपचारिकता की जा रही है।

एक दिन में एक किलो पकड़ी पॉलिथीन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन ने दो दिन पहले अपने साथ निगम के चार अन्य अधिकारी व कर्मचारियों को लेकर अभियान चलाया था। पूरे दिन में उन्होंने छापेमारी करने का दावा किया था। लेकिन पॉलिथीन केवल एक किलो पकड़ी थी। ऐसे में अभियान को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पटेल मंडप में जमा होनी थी पॉलिथीन
शहर भर से पकड़ी जाने वाली पॉलिथीन को रखने के लिए नौचंदी मैदान परिसर स्थित पटेल मंडप को चुना गया था। लेकिन अभी पकड़ी गई पॉलिथीन को कहा रखा गया है, इसकी जवाब किसी के पास नहीं है। पूर्व में भी दो-तीन बार शहर से पॉलिथीन पकड़ी गई हैं। कई क्विंटल पकड़ने का दावा किया गया था। लेकिन उस पॉलिथीन का पता नहीं वह कहां है।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। शासन को भी उनकी कार्यप्रणाली से अवगत करा दिया है। पॉलिथीन के खिलाफ अभियान की जिम्मेदारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी गई है। एक दिन में एक किलो पॉलिथीन पकड़ना शर्मनाक है। मानीटरिंग की जिम्मेदारी को अन्य अधिकारियों को भी लगाया जा रहा है। अब जुर्माना भी लगेगा। रसीद भी तैयार हो चुकी है। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
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