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ट्रेनों की देरी और रद्द होने से यात्री हलकान

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मेरठ। बुलेट ट्रेन का सपना दिखाने वाली केंद्र सरकार सामान्य ट्रेनों को भी राइट टाइम नहीं कर पा रही है। ट्रेनों की देरी और ट्रैफिक ब्लाक के चलते रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। मेरठ सेक्शन से गुजरने वालीं कई ट्रेनें लंबे समय से प्रभावित चल रही हैं। जिन्हें राइट टाइम कराने के सांसद राजेंद्र अग्रवाल और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के प्रयास भी विफल साबित हो चुके हैं।
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दिल्ली-मेरठ सेक्शन से चलने वालीं ट्रेनों पर नजर डालें तो संगम और नौचंदी एक्सप्रेस करीब 21 महीने से देरी से पहुंच रही हैं। इसके अलावा सेक्शन और स्टेशनों पर इंटरलॉकिंग व मेंटीनेंस कार्य के चलते छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, इंटरसिटी सुपर एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल, इंदौर एक्सप्रेस आदि ट्रेनें अगले कुछ दिनों के लिए रद्द की जा रही हैं। राज्यरानी एक्सप्रेस भी करीब दो माह से लेट चल रही है। इसके अलावा वीआईपी सरीखी ट्रेन जनशताब्दी, शताब्दी, शालीमार आदि भी एक से दो घंटे देरी से चल रही हैं। ट्रेनों की देरी से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रविवार को भी ट्रेनें लेट
रविवार को भी संगम व नौचंदी एक्सप्रेस हमेशा की तरह देरी से पहुंचीं। नौचंदी डेढ़ घंटा और संगम एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे तो राज्यरानी एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से पहुंची। हालांकि इन तीनों ट्रेनों को राइट टाइम रवाना किया गया। उत्कल, योगा और शालीमार एक्सप्रेस भी एक से दो घंटे देरी से पहुंचीं।
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खास बातें:
- नहीं सुधर रही संगम, नौचंदी समेत आधा दर्जन ट्रेनों की चाल
- सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के प्रयास भी विफल साबित
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