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कंकरखेड़ा में खुल रही नाला सफाई की पोल

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कंकरखेड़ा में खुल रही नाला सफाई की पोल
मेरठ। नगर निगम भले ही सभी नालों की तली झाड़ सफाई का राग अलाप रहा हो, लेकिन निगम सीमा के कुछ नाले ऐसे हैं जहां पर निगम की अभी तक न तो मशीन पहुंची हैं और न ही कर्मचारी। सबूत के लिए कंकरखेड़ा के नाले ही काफी हैं। यहां के नालों की सफाई की मांग करके पार्षद थककर बैठ गए, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने एक बार भी पलट कर नहीं देखा।
बरसात में कंकरखेड़ा का टापू बनना तय है। नगर निगम के वार्ड नौ और वार्ड 23 में तीन बड़े नाले हैं। ये नाले आबादी के बीच से गुजरकर शराब मिल के निकट आबूनाला से मिलते हैं। कंकरखेड़ा के एक बड़े इलाके का गंदा पानी इन नालों में पहुंचता है। वार्ड नौ की पार्षद प्रिया शाक्य का कहना है कि अशोकपुरी, नंदपुरी से नाले गुजरकर आबूनाला पहुंच रहे हैं। इन नालों में सिल्ट जमा है। जिसके कारण गली मोहल्लों में गंदा पानी जमा हो रहा है। बरसात में वार्ड की स्थिति बेहद खराब होने वाली है। कई बार नगरायुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डिपो प्रभारी को लिखित शिकायत की गई है। दो बार मशीन नाले पर पहुंची भी, लेकिन आधा घंटे भी मशीन नहीं चली। कोई पुर्जा टूटने का बहाना करके वापस लौट आई।
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वार्ड 23 के पार्षद राजेश खन्ना का कहना है वार्ड में बीएवी स्कूल के पीछे से होकर आबूनाला तक पहुंचने वाला नाला, सनातन धर्म स्कूल से पुष्पेंद्र मार्ग की तरफ जाने वाला और फ्लाईओवर शनिदेव मंदिर से रेलवे कालोनी से गुजरकर आबूनाला पहुंचने वाले नाले पूरी तरह गंदगी से भरे हैं। शिकायत पर नगरायुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने डिपो प्रभारी को नाला सफाई कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों के आदेशों को भी रद्दी की टोकरी दिखा दी गई। पार्षद ने चेतावनी दी है कि अगर बरसात से पहले नालों की सफाई शुरू नहीं कराई गई तो बरसात के दिनों में पूरा कंकरखेड़ा टापू बन जाएगा। तब जनता को साथ लेकर अधिकारियों को भी अपनी कुर्सी पर बैठने नहीं दिया जाएगा। - डिपो प्रभारी को नाला सफाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। अगर नाले साफ नहीं किए जा रहे हैं तो जवाब तलब करके कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. कंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

खास बातें:
- कई साल से साफ नहीं हुआ नाला
- नालों पर तीन बार भेजी गई मशीन, एक घंटे काम करके वापस लौटी
- पार्षद बोले, इस नाले के कारण ही बरसात में टापू बनता है कंकरखेड़ा
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