सिंभावली मिल और बैंक अफसरों की खुलेगी पोल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सिंभावली शुगर मिल और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की पोल सीबीआई खोलेगी। धोखाधड़ी कर किसानों की फर्द लगाकर साठगांठ कर शुगर मिल ने लोन के नाम पर बैंक से करोड़ों रुपये निकाला था। इसका खुलासा अमर उजाला ने 30 मई 2013 के अंक में प्रकाशित कर किया था। जिसके बाद सिंभावली शुगर मिल पर जांच बैठी थी।
अमर उजाला द्वारा खुलासा करने केे बाद हापुड़ स्थित सिंभावली चीनी मिल के निदेशकों, सीईओ व सीएफओ समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने, गबन और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पीएनबी घोटाले के बाद केंद्र सरकार ने इसकी जांच सीबीआई द्वारा कराने पर सहमति बनाई। रविवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी आकाश कमल मीणा और निरीक्षक एमके सिंह समेत उनकी टीम सिंभावली चीनी मिल पहुंची। बताया जा रहा कि शुगर मिल पर 109.88 करोड़ रुपये देनदारी है।
सूत्रों के मुताबिक सिंभावली शुगर मिल ने ओबीसी के फील्ड ऑफिसरों से सेटिंग कर हापुड़ के किसानों की फर्द निकलवाई थी। फर्द में भी बड़ा खेल हुआ था। नाम पता किसी के और फोटो किसी दूसरे किसान का लगा हुआ था। बैंक अधिकारियों ने इसका सर्वे किया तो शुगर मिल व बैंक की पोल खुली थी। लेकिन इस मामले को दबाया जा रहा था। सिंभावली चीनी मिल के एजीएम (जनसंपर्क) दिनेश शर्मा ने बताया कि मिल के कृषि ऋण संबंधी फाइलों की जांच करने के बाद सीबीआई टीम कुछ फाइलें लेकर लौट गई है।
कई अधिकारी रडार पर
सीबीआई के शिकंजे में शुगर मिल व बैंक के कई अधिकारी आ सकते हैं। बैंक मैनेजर व फील्ड अफसर से सेटिंग करके शुगर मिल ने लोन लिया था। इसका पता लगने पर हापुड़ के किसानों ने हंगामा किया था। लेकिन शुगर मिल ने किसानों को झांसा दिया था कि इस मामले से तुम्हारा कोई लेना देना नहीं है। बैंक से हमने लोन लिया और हम ही चुकाएंगे।
खास बातें
- 30 मई 2013 को अमर उजाला ने उजागर किया था मामला
- अब सीबीआई खोलेगी परत-दर-परत, मामले में चल रहा खेल