डेयरियों के खिलाफ 12 लाख की आरसी जारी
महानगर के नालों में भरे गोबर, गली मोहल्लों में गोबर से पसरी गंदगी पर नगर निगम प्रशासन को बार-बार एनजीटी में जवाब देना पड़ रहा है। डेयरियों से पूरे शहर की सूरत खराब है। ऐसे में नगर निगम ने डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम प्रशासन ने डेयरियों से प्रतिदिन 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूलने की नीति तैयार की है। अभी माह में एक बार ही प्रत्येक डेयरी का 20 हजार रुपये का चालान काटने की शुरूआत की है। अभी तक 811 में से केवल 60 पशु डेयरियों के ही 20-20 हजार के चालान काटे गए हैं। इसकी रिकवरी तहसील के माध्यम से करायी जाएगी। नगर निगम ने यह अभियान जारी रखने का निर्णय लिया है।
महानगर में 811 पशु डेयरियां हैं। इसमें 10 से 100 पशु हैं। डेयरियों से निकलने वाला गोबर शहर से बाहर नहीं बल्कि पानी के माध्यम से नाली और नालों में बहा दिया जाता है। इसके कारण सभी नाले और नालियां चोक हैं। नालों की सफाई भी होती है, लेकिन दूसरे दिन ही नालों में फिर से गोबर जमा हो जाता है। इसके कारण महानगर की गली मोहल्लों के रास्तों में ही गंदा पानी भरा रहता है।
कई को चेतावनी, बंद नहीं हुई डेयरी
नगर निगम प्रशासन पूर्व में कई बार डेयरी संचालकों से नाले में गोबर बहाए जाने को लेकर आपत्ति जता चुका है। डेयरियों को शहर से बाहर करने पर भी वार्ता हुई। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। लेकिन डेयरी संचालकों ने निगम प्रशासन और हाईकोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखा दिया। अब निगम प्रशासन ने प्रत्येक डेयरी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया। हालांकि चालान काटते समय डेयरी संचालकों ने सफाई इंस्पेक्टरों के साथ अभद्रता भी की थी।
- किसी भी डेयरी संचालक को माफ नहीं किया जाएगा। अगर डेयरी संचालक अपनी डेयरियों को शहर से बाहर नहीं करते हैं तो आगे प्रतिदिन हर डेयरी का 20 हजार रुपये का चालान किया जाएगा। शहर में डेयरी को लेकर एनजीटी बेहद सख्त है।
डा. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।