विधायक नूरपुर की बीएसए से तीखी झड़प, हंगामा
बिजनौर।
निलंबित शिक्षक को बहाल नहीं करने और फोन काल रिसीव नहीं करने से नाराज नूरपुर के भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान समर्थकों के साथ शुक्रवार की शाम बीएसए कार्यालय में जा धमके। घुसते ही उन्होंने कार्यालय का दरवाजा बंद करा लिया। बंद कमरे में विधायक और बीएसए के बीच तीखी झड़प हुई। बाद में लोकेंद्र चौहान किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने और भ्रष्टाचार करने वालों को कड़ा सबक सिखाने की चेतावनी देते हुए चले गए। बंद कमरे में हुए इस हंगामे व विधायक और उनके समर्थकों के उग्र रुख को देख कुछ लिपिक भी कार्यालय से खिसक गए।
आंकू ब्लॉक के शिक्षक सुनील कुमार को बीएसए महेश चंद्र ने सस्पेंड कर दिया था। विधायक लोकेंद्र चौहान ने बीएसए से शिक्षक को बहाल करने को कहा था। बीएसए महेश चंद्र ने विधायक से शिक्षक को बहाल करने का वायदा तो कर लिया, लेकिन शिक्षक को बहाल नहीं किया। आरोप है कि बीएसए ने विधायक लोकेंद्र चौहान के मोबाइल की कॉल भी रिसीव नहीं कर रहे थे। इसी बात को लेकर हंगामा हुआ। शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे विधायक अपने समर्थकों के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। बीएसए अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विधायक ने कार्यालय का दरवाजा बंद करा दिया। अंदर से तीखी झड़प और हंगामे की आवाज आने लगी। इसके चलते कर्मचारियों में मारपीट किए जाने की चर्चा शुरू हो गई, हालांकि विधायक नूरपुर और बीएसए दोनों ने ही मारपीट या किसी तरह की अभद्रता से इंकार किया है। दस मिनट बाद बाहर आए विधायक ने दो लिपिकों को भी जमकर हड़काया।
- विधायक लोकेंद्र चौहान ने मेरे साथ कोई बदसलूकी नहीं की है। उन्होंने एक काम करने को कहा था, मोबाइल काल रिसीव नहीं किए जाने से वह गुस्से में थे, बाद में शांत होकर चले गए। महेश चंद्र, बीएसए
-बीएसए से एक सही काम करने को कहा था, वायदा करने के बाद भी वह उसके विपरित काम कर रहे थे। मेरी अनदेखी कर रहे थे। इसलिए बीएसए कार्यालय गए, बीएसए से कोई मारपीट नहीं की, जो भी अधिकारी ऐसा करेगा, उसे कड़ा सबक सिखाया जाएगा। लोकेंद्र चौहान, विधायक नूरपुर
प्रभारी मंत्री ने भी लगाई बीएसए की क्लास
जिले के कई विधायक व भाजपा नेताओं ने बृहस्पतिवार को बीएसए की कार्यप्रणाली की शिकायत प्रभारी एवं उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से की थी औक कहा था कि बीएसए कार्यालय में पूरी तरह भ्रष्टाचार फैला है। किसी की सुनवाई नहीं हो रही है। जिस पर श्रीकांत शर्मा ने भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बीएसए महेश चंद्र की खबर ली थी। मंत्री ने बीएसए को यहां तक कह दिया था कि जब उनके बस का काम नहीं है तो इस्तीफा क्यों नहीं दे देते हैं।
खरीदारी काखेल तो नहीं नाराजगी वजह
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के सामान की खरीदारी में किए गए खेल से भी जनप्रतिनिधि बीएसए से नाराज चल रहे हैं। खरीदारी का ठेका बीएसए ने सपा से जुड़े एक व्यक्ति को दे दिया है। इसको लेकर भी कुछ भाजपा नेता बीएसए से नाराज चल रहे हैं।