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स्वाइन फ्लू

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डेंगू का भी एक नया मरीज, 11 पहुंची संख्या
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मेरठ। स्वाइन फ्लू और डेंगू के सामने चिकित्सा विभाग घुटने टेकता नजर आ रहा है। दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वाइन फ्ले के साथ साथ डेंगू ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।
शुक्रवार को मेडिकल कालेज की लैब में स्वाइन फ्लू के 28 नए मरीज मिले हैं। इनमें 18 मेरठ के हैं, जबकि 10 दूसरे जिलों के हैं। मेरठ जिले में अब तक 296 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब से जिन लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, उनमें मेरठ से हर्षवर्धन (21 ), शुभम (17) , मरियम (7), रेनू (37), अविका (4) , मंजू (29) , विपिन (35), ऋषभ, देवदत्त (27), अमित (23) , ललित कुमार (32), ओएस विश्वास, बॉबी (23), बेबी मारिया (7), प्रियंका जैन (35), अध्यया कौछर (4), मोहम्मद आजम, ऋषि पटेल, इनके अलावा सभी मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर आदि जनपदों के मरीज हैं। मेरठ निवासी नमिता (28) में डेंगू की पुष्टि हुई है। लोगों में बढ़े स्वाइन फ्लू और डेंगू की बीमारी के कारण दहशत का माहौल बना हुआ है।
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सीएमओ से मिले भाजपाई
स्वाइन फ्लू के प्रति जनता को जागरूक करने और मरीज, तीमारदारों को निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने को लेकर शुक्रवार को भाजपाइयों का प्रतिनिधिमंडल सीएमओ डॉ. राजकुमार सिंह से मिला। भाजपाइयों ने स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूकता के लिए सिनेमा हॉल और लोकल टीवी पर प्रचार प्रसार करने की मांग की। सीएमओ ने कहा कि कार्यालय में कंट्रोल रूम भी खोला गया है। स्वाइन फ्लू या डेंगू से पीड़ित मरीज कोई भी जानकारी ले सकते हैं। प्रतिनिधि मंडल में राजीव रस्तौगी, नरेन्द्र उपाध्याय, अखिलेश शास्त्री, मनोज गोस्वामी, सौरभ गौड़, कुलदीप वाल्मीकि, चिराग, शिवा गौरव मौजूद रहे।
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ज्वाइंट कमिश्नर को स्वाइन फ्लू, जांच अटकी
ज्वाइंट कमिश्नर को स्वाइन फ्लू होने के कारण माधवपुरम सेक्टर-4 में के भूखंड घोटाले की जांच अटक गई है। आवास एवं विकास परिषद द्वारा माधवपुरम में 45 भूखंडों का आवंटन लॉटरी द्वारा किया गया था। आवंटियों के अलावा अन्य आवेदनकर्ताओं मामले की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाये थे। 3 अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने मामले का संज्ञान लिया था। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर जांच के आदेश दिये थे। यह जांच संयुक्त आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद को करनी थी। लेकिन तभी उन्हें स्वाइन फ्लू हो गया। कई दिन तक वो गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती रहे। उन्होंने बताया कि उनकी तबियत में सुधार है। वो ऑफिस तो आने लगे हैं। लेकिन स्वस्थ होने में समय लग सकता है। जल्द ही मामले की जांच कर रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंप देंगे।
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