- गन्ना आयुक्त ने प्रदेश में खेतों में खड़े अवशेष गन्ने की समीक्षा
- प्रदेश में अब तक 972 टन गन्ने की हो चुकी पेराई, 111 लाख टन चीनी का हुआ उत्पादन
- मेरठ परिक्षेत्र में 1367 लाख कुंतल गन्ने की हो चुकी पेराई
मेरठ। चालू पेराई सत्र 2018-19 के समापन की ओर बढ़ने पर अवशेष गन्ने की आपूर्ति की चुनौती बढ़ गई है। प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने बांडेड गन्ना खरीदे बगैर कोई भी चीनी मिल बंद नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं। गन्ना आयुक्त के निर्देश पर नोडल अधिकारी अवशेष गन्ने की दैनिक समीक्षा कर रहे हैं।
चालू पेराई सत्र में कई चीनी मिल नो केन में बंद हो चुकी है। जो चीनी मिल चल रही है वे भी नो केन की स्थिति में समापन की ओर बढ़ रही है। सोमवार को प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने सभी मंडलों के उप गन्ना आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे बांडेड गन्ना पेराई किए बगैर किसी भी मिल को बंद नहीं होने दे। सूचना के मुताबिक अभी भी खेतों में गन्ना खड़ा हुआ है। अवशेष गन्ना खरीद सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारी लगातार गन्ने की निगरानी करें। गन्ना आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में अब तक 972 लाख टन गन्ने की पेराई कर 111 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। वहीं मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि परिक्षेत्र में अब तक 1367 लाख कुंतल गन्ने की पेराई कर 154 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। परिक्षेत्र की चीनी मिलों की औसत चीनी परता अभी तक 11.26 प्रतिशत है। मिलों द्वारा 14 दिन पूर्व तक का 4057 करोड़ रुपये के सापेक्ष अब तक 1718 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है।