कंकरखेड़ा/मेरठ। सहारनपुर में जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस अधिकारियों को शहर की बदनाम बस्तियों में अभियान चलाने की याद आई। करीब दो घंटे तक एसपी सिटी ने आरएएफ के साथ ब्रह्मपुरी से लेकर कंकरखेड़ा तक अभियान चलाया। करीब 45 झुग्गी झोपड़ियां और 30 घर खंगाले। लेकिन खाली बोतलें ही बरामद हुईं। शराब माफिया और महिलाएं घरों से फरार मिले।
एसपी सिटी रणविजय सिंह, सीओ दौराला जितेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा एपी मिश्रा ने जवाहर नगर व मद्रासी बस्ती मेें अवैध शराब की तलाश में छापेमारी की। शराब बेचने में जेल गए आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घरों पर दबिश दी। एक महिला ने दावा किया कि पुलिस उसके पति काले को बहुत पीटती थी, इसलिए अब पति शराब बेचना छोड़कर ठेला लगाता है। पुलिस को संजय के घर ताला लटका मिला। आरएएफ को देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। अभियान में न तो अवैध शराब मिली और न ही कोई आरोपी पकड़ा गया। पुलिस ने पांच संदिग्ध युवकों को जरूर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
रमेश प्रधान का घर घेरा
एसपी सिटी ने मंगतपुरम में शराब माफिया रमेश प्रधान का घर भी घेरा। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी पर गोली चलाने के मामले में दो माह पहले ही रमेश को जेल भेजा था। पुलिस ने रमेश के घर की महज नौ मिनट तलाशी ली। वहां कुछ नहीं मिला। महिलाओं से पूछताछ कर अन्य घरों में भी पुलिस झांकी। मंगतपुरम की करीब 45 झोपड़ियों को तलाशा। लेकिन शराब नहीं मिली।
आरएएफ देखकर लटके ताले
जवाहर नगर और मंगतपुरम में आरएएफ ने सबसे पहले घर पर दबिश दी तो उसके बाद आसपास के मकानों पर ताले लटक गये। महिलाएं घरों से बाहर आ गई और कहा कि अब कोई शराब नहीं बेचता।
लीक हो गई सूचना
एसपी सिटी का कहना है कि मौके से न अवैध शराब बरामद हुई और न कोई आरोपी पकड़ा गया। आरोपी घरों पर ताला लगाकर फरार हो गए। अंदेशा है कि छापेमारी की सूचना लीक हो गई, जिसकी वजह से आरोपी फरार हो गए।