कैंट में व्यावसायिक वाहनों को देना होगा दोगुना शुल्क
सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की छावनियों में टोल टैक्स व्यवस्था, तो बोर्ड बैठक में लगा दिया दोगुना एंट्री शुल्क
पार्षद अनिल जैन ने 15 गायों को महज 10200 रुपये में बेचने पर अफसरों की मंशा पर उठाए सवाल
कैंट के लोगों को पाइपलाइन से गैस दिलाने पर काम शुरू, गेल गैस को दी सर्वे की अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कैंट बोर्ड क्षेत्र में प्रवेश करने वाले व्यावसायिक वाहनों से अब प्रवेश शुल्क वसूला जाएगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कैंट में टोल टैक्स व्यवस्था को खत्म कर दिया है। लेकिन अब प्रवेश शुल्क टोल टैक्स से दोगुना होगा, जो कि अगले महीने से वसूला जाएगा। इसके अलावा कैंट के लोगों को गेल गैस पाइपलाइन की सुविधा मिलेगी, इसके लिए सर्वे की अनुमति दे दी गई है। वहीं 15 गायों को बेहद कम दाम पर बेचने पर पार्षद अनिल जैन ने कैंट बोर्ड अफसरों की मंशा पर सवाल उठाए। इस मामले में जांच बैठा दी गई।
गेल गैस सर्वे के लिए सहमति
कैंट क्षेत्र में गेल गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए सर्वे कराने पर सहमति बन गई। इससे पहले शहरी क्षेत्र में गेल गैस शुरू की जा चुकी है। गेल गैस अधिकारियों ने कैंट बोर्ड से सर्वे की अनुमति मांगी थी।
लालकुर्ती जलभराव पर स्पेशल टेंडर
बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने कहा कि लालकुर्ती में जलभराव से हालात खराब हो जाते हैं। बिन बरसात की बारिश में भी लालकुर्ती डूब जाता है। 30 हजार की आबादी को परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात से पहले स्पेशल टेंडर लाकर कार्य शुरू कराया जाएं। सीईओ ने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी गाय बेचने की जांच
छावनी परिषद सदस्य अनिल जैन ने बैठक की शुरुआत में ही कैंट बोर्ड पर गौवंश कटान के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कभी ऐसा कैंट बोर्ड के इतिहास में नहीं हुआ, जब नीलामी के दौरान छावनी परिषद का सदस्य और मुख्य अधिशासी अधिकारी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि 15 गायों को दस हजार 200 रुपये में नीलाम कर दिया गया। जबकि मैंने 30 हजार रुपये जमा कराने के लिए सीईओ से कहा था। लेकिन, उन्होंने गायों को गौशाला भेजने की बात कही थी। इस मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई, जिसमें उपाध्यक्ष बीना वाधवा, रोहित पंत और नीरज राठौर शामिल हैं।
ये प्रस्ताव भी रखे गए
कैंट में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती की संख्या तय कर दी गई। वहीं, सदस्य बुशरा कमाल ने घरों से कूड़ा उठाने के शुल्क और वसूली पर दोबारा विचार करने के लिए कहा। उन्होंने अपने क्षेत्र में भी पॉलिथीन युक्त सड़क निर्माण की मांग की। बैठक में राष्ट्रीय पर्वोें पर बोर्ड कार्यालय में उपाध्यक्ष और स्कूलों में सदस्यों द्वारा झंडारोहण पर सहमति बनी। डीईओ के कार्यालय और आवास के निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये सरकार की तरफ से दिए गए हैं, यह निर्माण कैंट बोर्ड कराएगा। इसकी डीपीआर आईआईटी रुड़की में तैयार हो रही है। वहीं, सीएबी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेंद्र यादव बने रहेंगे। इसके अलावा 210बी की फाइनल रिपोर्ट की आधिकारिक कॉपी पर भी चर्चा की गई। वहीं, कैंट में शराब की दुकानों को एनओसी देना कैंट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में होगा। सिविल एरिया से बाहर शराब की दुकानों को एनओसी स्टेशन कमांडर देंगे।
ये रहे मौजूद
कैंट की बोर्ड बैठक अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूद की अध्यक्षता में हुई। उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सीईओ प्रसाद चव्हाण, एडम कमांडेंट कर्नल रोहित पंत, मंजू गोयल, नीरज राठौर, बुशरा कमाल, रिनी जैन आदि मौजूद रहे।
अभी इन स्थानों पर लिया जाता है टैक्स
सरधना रोड
रोहटा फाटक
मवाना रोड
सिटी स्टेशन
ऑयल डिपो - कासमपुर
बाउंड्री रोड
ये स्थान जुड़ेंगे
दिल्ली रोड
खटकाना ब्रिज
रुड़की रोड
कंकरखेड़ा रेलवे क्रासिंग
यह लिया जाता है टोल टैक्स
टैक्सी और कार व्यावसायिक - 25 रुपये
हल्के व्यावसायिक वाहन - 40 रुपये
भारी व्यावसायिक वाहन - 75 रुपये
क्रेन व अन्य भारी वाहन - 100 रुपये
नया वाहन प्रवेश शुल्क
टैक्सी और कार व्यावसायिक - 50 रुपये
हल्के व्यावसायिक वाहन - 100 रुपये
भारी व्यावसायिक वाहन - 150 रुपये
क्रेन व अन्य भारी वाहन - 250 रुपये