जिला पंचायत सदस्यों को भी मिले अधिकार और सुविधाएं
मेरठ। जिला पंचायत सदस्यों ने अपने अधिकार और सुविधाओं की मांग के साथ ही राज्य वित्त आयोग के बजट में की गई कटौती को वापस लेने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए पत्र में सदस्यों ने कई मांग रखी हैं।
जिला पंचायत संघ के बैनर तले जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र उर्फ जीतू चौधरी और रोहताश पहलवान के नेतृत्व में आधा दर्जन से ज्यादा सदस्य बुधवार को जिलाधिकारी अनिल ढींगरा से मिले और पत्र सौंपा। पत्र में राज्य वित्त आयोग का जो 40 प्रतिशत धन जिला पंचायत को मिलता था, उसे 25 प्रतिशत करने पर नाराजगी जताते हुए सदस्यों ने उसे दोबारा 40 प्रतिशत करने की मांग रखी। इसके साथ ही जिला पंचायत के बजट से विधायकों और सांसदों के विकास प्रस्ताव स्वीकृत न करने संबंधी आदेश भी जारी करने की मांग सदस्यों ने पत्र में की है।
सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सदस्योें के माध्यम से न कराकर सीधे जनता के माध्यम से कराने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि जिस तरह विधायक, सांसद और अब स्थानीय निकायों के महापौर और अध्यक्षाें का चुनाव सीधे जनता करती है। उसी प्रकार जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी जनता करे। सदस्याें ने मांग पत्र में कहा कि जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित प्रतिनिधि है और एक बड़े क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन उसको न तो कोई अधिकार हैं और न ही कोई सुविधाएं हैं। सदस्योें ने जिला पंचायत सदस्यों को एक निश्चित मानदेय दिलाने के साथ ही बैठकों में आने जाने का अतिरिक्त खर्च भी दिये जाने की मांग की है।