लेखपालों के धरने से अटके 13 हजार प्रमाण पत्र
मेरठ। लेखपालों के धरने से जिले के करीब 13 हजार आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनने का काम अटका है। लेखपालों ने 26 जून से प्रमाण पत्र बनाने का काम बंद कर रखा है। इस कारण सैकड़ों लोग परेशान हैं। खासकर विद्यार्थियों को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपाल तीन जुलाई से तहसील पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि नौ जुलाई से वह कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष लोकेंद्र राठी ने बताया कि लेखपालों ने मांगें पूरी नहीं होने तक पूर्ण कार्य बहिष्कार कर आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने बताया कि कार्य बहिष्कार के कारण मेरठ जिले के 12-13 हजार प्रमाण पत्र पेंडिंग पड़े हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रमाण पत्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
यह हैं लेखपालों की मांगें
लेखपाल संघ वेतन उच्चीकरण, वेतन विसंगति दूर करने, पेंशन विसंगति दूर करने, भत्तों में वृद्धि, राजस्व परिषद द्वारा प्रस्तावित राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2017 को कैबिनेट से पारित कराना, लैपटॉप व स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने, प्रोन्नति के अवसर बढ़ाने और समय पर डीपीसी कराने के साथ ही आधारभूत सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। कितने प्रमाण पत्र पेंडिंग है उनके पास उसका रिकॉर्ड नहीं है। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
खास बातें:
26 जून से बंद चल रहा है प्रमाण पत्र बनाने का काम
- लेखपाल संघ का कलक्ट्रेट पर जारी है धरना