मेरठ। लिसाडी गांव में देशी शराब का ठेका खुलने की सूचना पर ग्रामीणों में रोष है। बुधवार को ठेके के विरोध में ग्रामीणों ने पूर्व पार्षद के आवास पर बैठक की। चेतावनी दी कि गांव में ठेका किसी भी सूरत में नहीं खुलने देंगे।
पूर्व पार्षद उमाशंकर पाल के मुताबिक पहले गांव में ठेका था, जिसको लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। ठेकेदार ने लगभग दो दर्जन लोगों पर मुकदमा कराकर जेल भिजवा दिया था। शराब के ठेके की वजह से गांव का माहौल खराब हो गया था। उसके बाद ठेका बंद कर दिया गया था। अब फिर से गांव में ठेके खुलने की मंजूरी हुई है। ग्रामीणों ने चेताते हुए कहा कि किसी भी सूरत में शराब का ठेका नहीं खुलने देंगे। इसकी शिकायत सभी ग्रामीण जिलाधिकारी से करेंगे। बैठक में संजय कुमार पाल, अल्ताफ अहमद, हनीफ सैफी, प्रेमचंद, अमरीश चपराना, ब्रह्म सिंह, राजकुमार, सुनील कुमार जाटव, अनिल जाटव व दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।