मेरठ। मोहिउद्दीनपुर मिल बंदी के नोटिस से क्षेत्र के किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। किसानों का कहना है कि गन्ना शेष होने पर मिल कैसे बंद हो सकती है। मामले की सूचना मिलते ही उप गन्ना आयुक्त ने न केवल शुगर मिल स्थित गन्ने की स्थिति का जायजा लिया बल्कि क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर खेतों में बचे गन्ने का सर्वे भी किया। गन्ना शेष होने के चलते नो केन होने तक मिल चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
पेराई सत्र में दो माह देरी से गत 6 जनवरी को चली मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल पूरे सीजन हिचकौले लेकर चली है। इसके चलते यह मिल निर्धारित समय के अंदर क्षेत्र के गन्ने की पेराई करने में सफल नहीं हो सकी। किसानों को जून माह में भी गन्ने की आपूर्ति करनी पड़ रही है। गन्ना प्रबंधन ने शुक्रवार को मिल बंद होने की घोषणा की थी। मामले की खबर को अमर उजाला माय सिटी ने बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद किसानों ने क्षेत्र में गन्ना खड़ा होने की बात कहकर मिल पर हंगामा काटा और मामले की सूचना किसान नेताओं को दी। इस पर उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे मिल में पहुंचे और मिल हाउस से लेकर यार्ड तक गन्ने की स्थिति का जायजा लिया। सिंह ने मिल कांटे को भी चेक किया। इसके बाद वे स्टाफ को लेकर मिल क्षेत्र के गांवों का दौरा करने निकल गए और यहां पहुंचकर खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे किया।
चुड़ियाला और सैदपुर पहुंचे हरपाल सिंह को किसानों ने आपबीती सुनाई। कहा कि गन्ना तुलवाने में दो से तीन दिन का समय लग रहा है। पूरे सीजन मिल ने ठीक से पेराई नहीं की। इसके चलते किसानों के पास अभी भी गन्ना बचा है। शुक्रवार को अगर मिल बंद हो गई तो काफी किसानों का गन्ना खेतों में खड़ा रह जाएगा। इस पर उप गन्ना आयुक्त ने शुक्रवार को मिल बंद नहीं करने के निर्देश देते हुए कहा कि नो केन होने तक मिल चलेगी। इसके लिए शनिवार को गन्ना आपूर्ति की स्थिति देखी जाएगी। गन्ना कम आने की स्थिति में किसानों को आठ घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अगर इस समय में गन्ना नहीं आया तो नो केन की घोषणा कर मिल बंद कर दी जाएगी।
छिलाई नहीं कर पा रहे किसान
हरपाल सिंह ने बताया कि किसान तेजी से गन्ने की छिलाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों की लेबर वापस जा चुकी है। अब किसानों को खुद छिलाई करनी पड़ रही है। उन्होंने किसानों से लेबर लगाकर गन्ने की छिलाई कराने की अपील की है ताकि सभी किसानों का पूरा गन्ना मिल पहुंच सके।