मेरठ/आगरा। एससी आयोग के अध्यक्ष एवं आगरा के सांसद रामशंकर कठेरिया का कहना है कि पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद सहमत हैं। उनसे उनकी 15 दिन पहले ही बात हुई है। उनका कहना था कि स्थान का चयन मेरठ और आगरा के अधिवक्ता तय कर लें। आगरा या मेरठ जहां सहमति होगी, वहां बेंच बनवा दी जाएगी। इनके अलावा जेवर (बुलंदशहर) का सुझाव मंत्री ने दिया है। उनका कहना है कि अगर आगरा और मेरठ के वकीलों में सहमति हो तो जेवर में जहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है, वहीं पर बेंच बनवा दी जाए।
राम शंकर कठेरिया ने यह बयान मंगलवार को आगरा में दिया। उन्होंने कहा कि वह आगरा के लिए पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने विधि मंत्री से कहा है कि आगरा का अधिकार बनता है। यहां आजादी से पहले हाईकोर्ट था। यहीं पर बेंच की स्थापना होनी चाहिए। उन्होंने जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट का हवाला भी दिया। इस रिपोर्ट में भी आगरा में बेंच स्थापित किए जाने की वकालत की गई थी। सांसद का यह बयान तब आया है, जब आगरा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए आंदोलन को धार दी जा रही है। अधिवक्ताओं ने भाजपा विधायकों से भी बात की है। विधायकों ने भरोसा दिया है कि वे इस मुद्दे को विधान सभा में उठाएंगे। एत्मादपुर के विधायक राम प्रताप सिंह चौहान को मुद्दा उठाने की मुहिम का संयोजक बनाया गया है।
आगरा क्लेम छोड़े तो हम भी तैयार
केंद्रीय संघर्ष समिति हाईकोर्ट बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के चेयरमैन रोहिताश्व कुमार अग्रवाल का कहना है कि अगर आगरा वाले अपना क्लेम छोड़ने के लिए तैयार हैं तो हम भी तैयार हैं। हम पहले भी कह चुके हैं कि किसी भी केंद्र बिंदु पर हाईकोर्ट बेंच बना दें। स्थान कभी हमारा इश्यू नहीं रहा है।
बेबुनियाद है बयान
केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक प्रबोध शर्मा का कहना है कि कठेरिया का बयान बेमानी है। केंद्र सरकार को पहले हाईकोर्ट बेंच की घोषणा करनी है, फिर प्रदेश सरकार को स्थान तय करना है। अभी केंद्र सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है। हमने जगह की कभी मांग नहीं रखी, जहां भी उचित समझें, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बेंच दे सकते हैं।
हाईकोर्ट बेंच
आगरा के सांसद ने कहा- आगरा, मेरठ या जेवर कहीं भी बनाई जा सकती है खंडपीठ
केंद्रीय संघर्ष समिति ने कहा, स्थान का नहीं इश्यू, पश्चिम में किसी केंद्र बिंदु पर बना दें बेंच