चार हजार अंकों में से 1400 अंकों की परीक्षा पूरी
मेरठ। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की सफलता के लिए चार हजार अंकों की परीक्षा हो रही है, जिसमें 1400 अंकों की परीक्षा नगर निगम प्रशासन ने पूरी कर ली है। इसमें नगर निगम प्रशासन को स्वच्छता का पूरा रिकॉर्ड देना था। नगर निगम प्रशासन 650 अंकों पर दावा कर रहा है। हालांकि अभी 1400 अंक की परीक्षा में महानगर की जनता निगम को अंक देगी। साथ ही 1200 अंकों का परिणाम स्थलीय निरीक्षण से मिलेगा। मंगलवार को केंद्र सरकार की टीम रिकॉर्ड लेकर दिल्ली लौट गई। अब शहर में दूसरी टीम आएगी, जो लोगों से सीधे बात करेगी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के लिए नगर निगम सभागार में दो दिवसीय बैठकों का दौर चला। इसमें केंद्र सरकार की टीम से ए कुरैशी ने अपने एक सहयोगी सदस्य को साथ लेकर नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान सहित सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करके स्वच्छता संबंधी रिकार्ड लिया।
100 से 150 शहरों में शामिल होने का दावा
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि इस बार मेरठ 100 से 150 स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल हो सकता है। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि निगम प्रशासन स्वच्छता पर नए कदम उठा रहा है। कूड़ा निस्तारण प्लांट पर कार्य शुरू होने वाला है। इससे साफ है कि 2019 के स्वच्छता सर्वेक्षण में मेरठ देश के टॉप 10 शहरों में शामिल होगा।
स्टेशन और बस अड्डे का भी किया निरीक्षण
केंद्र सरकार की टीम ने मंगलवार को सिटी रेलवे स्टेशन और भैसाली बस अड्डे का निरीक्षण करके स्वच्छता की जांच की। टीम ने निगम प्रशासन को रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के बाहर डस्टबिन लगवाने के निर्देश दिए।
10 मार्च तक चलेगा सर्वेक्षण
स्वच्छता सर्वेक्षण आगामी 10 मार्च तक चलेगा। केंद्र सरकार की एक टीम शीघ्र ही मेरठ पहुंचेगी, जो निगम अधिकारियों से नहीं मिलेगी। वह सीधे महानगर की जनता से बात करेंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के संबंध में वह कितना जानते हैं। पिछले साल के मुकाबले शहर की सफाई में कितना बदलाव हुआ। क्या शहर की सफाई से संतुष्ट हैं आदि सवालों पर जनता से जवाब मांगा जाएगा।