नर्सिंग कॉलेज को बनाया जा सकता है स्टेट नोडल सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में चल रहे नर्सिंग कॉलेज को नर्सिंग का स्टेट नोडल सेंटर बनाया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार की पांच सदस्य टीम इसके दो दिवसीय निरीक्षण के लिए आई है। मंगलवार को टीम ने निरीक्षण किया और बुधवार को भी टीम इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी, जो केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद तय किया जाएगा कि इसे स्टेट सेंटर बनाया जाना है या नहीं।
स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय की टीम से जेनिता, डॉ. भूमिका, डॉ. अमृता जबकि राज्य की टीम से निदेशक नर्सिंग डॉ. ज्ञानप्रकाश और एनएचएम के स्टेट नोडल अधिकारी देवेश त्रिपाठी हैं। स्टेट की टीम पहले भी इसका निरीक्षण कर शासन को ओके की रिपोर्ट दे चुकी है। इसके बाद यह ज्वाइंट टीम बनाई गई है। इस टीम ने सुबह 10 बजे से शाम तक निरीक्षण किया। इस दौरान लैब, नोडल सेंटर, हॉस्टल का एक-एक कमरा, टॉयलेट-बाथरूम देखा। यहां नर्सिंग टीचर ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं, इसे परखा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार, एसीएमओ पूजा शर्मा और उनकी टीम, प्राचार्य और उप प्राचार्य आदि मौजूद रहे।
सेंटर बना तो यहां होगी टीचर्स ट्रेनिंग
नर्सिंग कॉलेज के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश राणा ने बताया कि यह उत्तर प्रदेश का पहला नर्सिंग कॉलेज है। यहां 100 सीटें हैं। अगर इसे नोडल सेंटर बनाया गया तो यहां पूरे उत्तर प्रदेश की नर्सिंग के टीचर्स की छह-छह हफ्ते की ट्रेनिंग होगी। यूपी में इस समय एएनएम के 11 और जीएनएम के 23 सेंटर हैं। सीएमओ ने बताया कि नर्सिंग में लैब और अन्य उपकरणों के लिए नेशनल हेल्थ मिशन केतहत साढ़े 61 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
खास बात
केंद्र और राज्य सरकार की पांच सदस्य टीम ने किया निरीक्षण, केंद्र सरकार को देंगे रिपोर्ट