मेरठ। पहली बार नगर निकाय चुनावों में सिंबल के साथ उतरे राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) भी खाता खोलने में कामयाब रहा। वार्ड नंबर 10 कांशी से पार्टी के पार्षद प्रत्याशी विशाल चौधरी ने विजय हासिल की। मेयर प्रत्याशी संगीता रानी पार्टी के परंपरागत वोट हासिल करने में कामयाब नहीं हो सकीं। उन्हें 9 हजार 175 वोट मिले। हालांकि संगीता रानी ने पिछली बार चुनाव लड़े पार्टी समर्थित उम्मीदवार से अधिक मत हासिल किए। वहीं सिवालखास नगर पंचायत से पार्टी की चेयरमैन प्रत्याशी फुरकाना चौहान ने विजय हासिल की। पार्टी नेताओं ने इसे लोकसभा चुनाव से पहले सकारात्मक संकेत बताया।
रालोद नेताओं ने जीत हार का गुणा भाग कर नगर निगम में मेयर प्रत्याशी के साथ ही 90 वार्डों में से 32 वार्डों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। इसके अलावा कई नगर पंचायतों में भी सिंबल पर प्रत्याशी उतारे थे और कई जगह खड़े मजबूत प्रत्याशी को अपना समर्थन दिया था। शुक्रवार को आए परिणाम में मेयर प्रत्याशी संगीता रानी को 9 हजार 175 वोट हासिल हुईं। वहीं वार्ड नंबर 10 से खड़े प्रत्याशी विशाल चौधरी ही निगम राजनीति में पहुंचने वाले एकमात्र प्रत्याशी रहे। हालांकि कई वार्डों में भी पार्टी के पार्षद प्रत्याशियों ने खासी वोट हासिल कर पार्टी की उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें वार्ड नंबर 15, 22, 31, 32, 37, 40, 41, 73 और 88 में पार्टी को पहचान मिली।
समर्थन के लिए आभारी हूं
बिना किसी खर्च के और इतने कम समय में लोगों ने करीब दस हजार वोट देकर मुझे और पार्टी का जो समर्थन किया है मैं इसकी आभारी हूं। अब पार्टी को मजबूत करने और जनसमस्याओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। संगीता रानी, मेयर प्रत्याशी
ये सकारात्मक संकेत हैं
पार्टी ने पहली बार सिंबल पर लड़कर मेयर पद पर करीब दस हजार वोट हासिल किए और वार्ड नंबर 10 से पार्टी प्रत्याशी जीता। इसके अलावा सिवालखास नगर पंचायत में पार्टी की चेयरमैन बनी। चुनाव लड़ने से पार्टी का वोटर मजबूत हुआ है और लोकसभा चुनाव 2019 से पहले ये सकारात्मक संकेत है। डॉ. राजकुमार सांगवान, पूर्व प्रदेश संगठन प्रभारी
समस्याओं के खिलाफ लड़ेंगे
इतने कम समय में पार्टी को शहरी चुनाव में भी पहचान मिली है। एक पार्षद जीतकर आया है। अब शहर की समस्याओं को लेकर भी पार्टी लड़ाई लड़ा करेगी। राहुल देव, जिलाध्यक्ष
समय कम मिला
निकाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। अगर चुनाव लड़ने के लिए समय मिला होता तो परिणाम और ज्यादा बेहतर होता। सुनील रोहटा, मीडिया प्रभारी