मेडिकल में शिक्षण और चिकित्सा सेवा में अब नहीं चलेगी मनमानी
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में सभी चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों के लिए आदेश हुआ कि उन्हें सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक शिक्षण और चिकित्सा सेवा करनी ही होगी। जो इसमें कोताही बरतेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता ने प्रधानाचार्य को आदेश भेजा है। इस संबंध में प्रधानाचार्य ने भी निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे खलबली मची हुई है।
आदेशों की उड़ाई जाती हैं धज्जियां
डीजी चिकित्सा शिक्षा ने 21 अगस्त 2008 के आदेश की छाया प्रति भेजते हुए कहा कि शासन द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत सभी चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक शिक्षण कार्य, आउटडोर, इनडोर चिकित्सा सेवा और इमरजेंसी सेवा (24 घंटे) लागू की जानी है। डीजी ने लिखा है कि संज्ञान में आया है कि इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
शासनादेश का करें अनुपालन
डीजी ने प्रधानाचार्य को लिखा है कि इस शासनादेश में दिए गए दिए निर्देशों के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसकी सूचना तत्काल शासन को भिजवाएं। मेरठ मेडिकल कॉलेज के अलावा यह आदेश मेडिकल कॉलेज कानपुर, आगरा, झांसी, गोरखपुर, कन्नौज, सहारनपुर, बांदा, बदायूं, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, जालौन आदि के प्रधानाचार्यों को भी भेजा गया है।
प्राइवेट प्रैक्टिस पर नहीं शिकंजा
शासन ने इससे पहले कई बार सरकारी डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर शिकंजा कसने के आदेश जारी किए थे। लेकिन अभी तक इसका अनुपालन नहीं हो सका है। कई बार शासन ने रिमाइंडर भी भेजे। लेकिन हालात जस के तस हैं।
कड़ाई से कराएंगे पालन
मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कीर्ति दूबे ने बताया कि डीजी के आदेश के संबंध में कार्यालय से आदेश जारी कर दिया गया है। इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। दोपहर दो बजे तक चिकित्सा शिक्षक ओपीडी करेंगे और इसके बाद चार बजे तक शिक्षण कार्य करेंगे।