नौचंदी मैदान में मिला तबेला, सफाई इंस्पेक्टर निलंबित
- निरीक्षण में गोबर देखकर भड़के मंडलायुक्त
- पशुओं का बसेरा और गोबर के लगे हैं ढेर
- कहा, पशु बंधे मिले तो कराओ एफआईआर
मेरठ। एतिहासिक नौचंदी मेला परिसर में गोबर के ढेर और गंदगी देखकर मंडलायुक्त भड़क उठे। उन्होंने जहां निगम के अधिकारियों को आडे़ हाथों लिया वहीं सफाई इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि नौचंदी मैदान को पूरी तरह साफ कराया जाए। गोबर डालने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज करायी जाए।
शुक्रवार को मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार नौचंदी मैदान का निरीक्षण करने पहुंच गए। उन्होंने जैसे ही परिसर में प्रवेश किया तो जहां जगह जगह गोबर के ढेर लगे थे वहीं पशुओं की भीड़ भी दिखाई दी। इतना ही नहीं पूरे मैदान में भरा पानी और गंदगी को देखकर कमिश्नर का पारा चढ़ गया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगानी शुरू कर दी। साथ ही कहा कि यहां का सफाई इंस्पेक्टर कौन है। इसको इसी समय निलंबित किया जाता है। इतना सुनकर निगम के अन्य अधिकारियों के चेहरे से भी हवाईयां उड़ने लगी। कमिश्नर ने कहा कि नौचंदी मेला एतिहासिक है। ऐसे स्थल में गंदगी नहीं होनी चाहिए। यहां पशुओं को बांधने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। बाद में सफाई इंस्पेक्टर मुनीश कुमार को निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। अपर नगरायुक्त अलीहसन करनी ने इसकी पुष्ठि की। इस मौके पर एमडीए अधिकारी भी मौजूद रहे।
तीन विभागों की बनी कमेटी
कमिश्नर ने नगर निगम, जिला पंचायत और एमडीए की संयुक्त कमेटी बनाने के निर्देश दिए। कहा कि यह कमेटी इस मैदान के सौंदर्यीकरण का पूरा खाका खींचेगी। इस बाबत यह कमेटी अभी से काम शुरू कर दे।
गिल्ली डंडे के नाम पर सट्टा
नौचंदी मैदान में दिन भर काफी युवक गिल्ली डंडा खेलते रहते हैं। आसपास के लोगों का आरोप है कि इस नाम पर यहां सट्टा लगता है। कई बार मारपीट तक नौबत आ जाती है तो गिल्ली से कई राहगीरों को चोट लग चुकी है। कमिश्नर के मुताबिक पुलिस को यह जिम्मेदारी दी जाएगी और यदि ऐसे लोगों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करे।