मेरठ। सेना भर्ती में अभ्यर्थियों का घटी संख्या अधिकारियों को चौंका रही है। पंजीकरण कराने वालों की संख्या ठीक है, लेकिन भर्ती में युवक 50 प्रतिशत के आसपास ही पहुंच रहे हैं। पूर्व में हुई भर्ती में अभ्यर्थियों के पहुंचने का आंकड़ा 70 से 80 प्रतिशत होता था। अधिकारी इसकी मुख्य वजह आधार कार्ड को मान रहे हैं।
शताब्दीनगर में मेरठ सेना भर्ती कार्यालय की ओर से 13 जिलों की 29 जून से कराई जा रही भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। पहले दो दिन की भर्ती बारिश की वजह स्थगित करनी पड़ी। उसके बाद हुई तीन दिन की भर्ती में पहुंचने वालों का आंकड़ा 50 प्रतिशत के आसपास रहा है। एक जुलाई की भर्ती में 13000 ने पंजीकरण कराया था। इनमें 7127 ने दौड़ में भाग लिया। 619 मेडिकल तक पहुंचे। दो जुलाई को 12500 का पंजीकरण था। 6611 ने दौड़ लगाई और 556 मेडिकल तक पहुंचे। तीन जुलाई को 12702 का पंजीकरण था। इनमें 5666 ने दौड़ लगाई और 533 मेडिकल के लिए क्वालीफाई किया। भर्ती निदेशक कर्नल रजनीश मेहता के कहना है आमतौर पर भर्ती में 70 से 80 प्रतिशत अभ्यर्थी पहुंचते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद अभ्यर्थी आ रहे हैं। आधार कार्ड नंबर या आवेदन संख्या को अनिवार्य किया गया है। यह वजह हो सकती है। आधार नंबर नहीं लाने पर आवेदकों को लौटा दिया जाता है।
वजह ये भी हैं
आधार कार्ड के अलावा दूसरी वजह भी संख्या कम होने की हैं। बारिश की वजह से पहले दो दिन की भर्ती स्थगित हो गई। दूरदराज से आने वाले अभ्यर्थियों पर इसका असर पड़ा। बारिश में ट्रैक गीला हो गया था। मेरठ भर्ती बोर्ड कार्यालय की बात करें तो कम जिलों की भर्ती में सभी 13 जिले के युवा आवेदन करते हैं। अब सभी 13 जिलों की हो रही है। डोमेशाइल में होने वाला फर्जीवाड़ा रुका है।
दिसंबर में छोटी भर्ती
मेरठ भर्ती कार्यालय के तहत मेरठ और सहारनपुर मंडल समेत 13 जिले आते हैं। भर्ती निदेशक के मुताबिक इन 13 जिलों में 3.87 करोड़ जनसंख्या है। वर्तमान में चल रही भर्ती में 84 हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया है। यह बड़ी भर्ती है। जल्द एक छोटी भर्ती भी होगी। वह दिसंबर में हो सकती है।
फैक्ट
एक जुलाई को 54.82 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दौड़ में भाग लिया
दो जुलाई को 52.88 प्रतिशत अभ्यर्थी दौड़े
तीन जुलाई को 44.60 प्रतिशत ही भर्ती में हुए शामिल