केंद्र सरकार ने अमृत योजना के तहत शहर के विकास के लिए 128 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। ये पैसे पार्कों के सौंदर्यीकरण, सीवर और पानी की पाइप पर खर्च होंगे। नगर निगम शहर के तीन पार्कों का सौंदर्यीकरण करेगा। उधर, जल निगम ने भी तैयारी शुरू कर दी है। 2017 तक शहर के बाहरी इलाकों तक गंगाजल की सप्लाई होगी।
गंगाजल परियोजना
केंद्र सरकार ने अमृत योजना के तहत शहर के एक बड़े हिस्से में गंगाजल की पाइप लाइन पहुंचाने की योजना तैयार की है। जिसके लिए जल निगम ने प्रपोजल भी तैयार कर लिया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही इसपर काम शुरू हो जाएगा। वहीं जहां पाइप लाइन बिछ चुकी है, लेकिन गंगाजल की सप्लाई नहीं है। वहां पानी के कनेक्शन किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने गंगाजल योजना के लिए 72 करोड़ रुपये पास किए हैं। जल निगम के अनुसार पाइप लाइन डालने का काम रोहटा रोड स्थित गोलाबड़ और मोदीपुरम में शुरू किया जाएगा। इसके लिए जल निगम ने 18 करोड़ रुपये का प्रपोजल तैयार किया है। प्रपोजल स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।
सीवर लाइन परियोजना
शहर में अभी तीन जोन में 19.5 किमी. बड़ी और 172 किमी छोटी सीवर लाइन डाली जा चुकी है। लेकिन अभी शहर का एक बड़ा हिस्सा सीवर की समस्या से परेशान है। शासन ने अमृत योजना के तहत जल निगम से सीवर लाइन का प्रपोजल मांगा है। जल निगम ने 50 करोड़ रुपये का प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजा। जिसको सरकार ने स्वीकृत कर दिया। जिसमें जल निगम शहर के एक बड़े हिस्से में सीवर लाइन डालने का काम करेगा। हालांकि सबसे पहले उन इलाकों में मेनहॉल बनाए जाएंगे, जहां सीवर लाइन डल चुकी है।
पार्क सौंदर्यीकरण
अमृत योजना में शहर के पार्कों को हाईटेक किया जाएगा। नगर निगम पहले चरण में मंगलपांडे नगर, जागृति विहार, शास्त्रीनगर बी ब्लॉक के पार्क का सौंदर्यीकरण करेगा। केंद्र सरकार ने डीपीआर स्वीकृत करके छह करोड़ रुपये भेज दिए हैं। इन तीनों पार्कों में वॉक वे, झूले, कबड्डी, बैडमिंटन, फाउंटेन, विभिन्न प्रजातियों के पौधे, चारदीवारी, ट्यूबवेल आदि लगाए जाएंगे। पार्क मॉडल के रूप में तैयार होंगे। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा।