डीजल खरीद को लेकर अभी भी गंभीर नहीं निगम प्रशासन
- 12 किलो मीटर दूरी से खरीदा जाता है डीजल
- नगर निगम के दिल्ली रोड वाहन डिपो के सभी वाहनों के लिए डीजल खरीद होती है हापुड़ रोड से
- सूरजकुंड वाहन डिपो के वाहनों की डीजल खरीद शुरू हुई पड़ोसी पंप से
मेरठ। नगर निगम की गाड़ियों में जितना डीजल कार्य के दौरान फुंकता है उससे कुछ ही कम डीजल पैट्रोल पंप तक पहुंचने और वापस आने में फुंक रहा है। जिसका असर निगम खजाने पर भी पड़ रहा है, लेकिन निगम प्रशासन करीब के पेट्रोल पंपों से डीजल लेने को तैयार नहीं हैं। हालांकि एक वाहन डिपो के वाहनों के लिए डीजल खरीद पास के ही पेट्रोल पंपाें से शुरू की गई है, लेकिन पंप संचालक एवं होर्डिँग ठेकेदार निगम पर डीजल खरीद का दबाव बनाने के लिए शासन तक में पैरवी कर रहे हैं।
नगर निगम के सभी अधिकारी, सूरजकुंड वाहन डिपो और दिल्ली रोड डिपो के 120 वाहनों का डीजल व पेट्रोल की खरीद हापुड़ रोड स्थित बिजली बंबा पुलिस चौकी के निकट होर्डिंग ठेकेदार के पेट्रोल पंप से की जा रही है। जबकि निगम मुख्यालय घंटाघर और दिल्ली रोड वाहन डिपो से पेट्रोल पंप की दूरी लगभग 12 किलो मीटर है। यानी एक छोटे हाथी को तीन लीटर डीजल लेने के लिए पहले 24 किलो मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। उसके बाद वह अपने क्षेत्र के वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए पहुंचता है। यही कारण है कि शहर की सभी गलियों से कूड़ा ही नहीं उठ पाता है। क्योंकि कूड़ा उठाने के लिए दिया जाने वाले डीजल रास्ते में ही फुंक जाता है। यह मामला नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी उठा। जिसका असर केवल सूरजकुंड वाहन डिपो के वाहनों को डीजल खरीद पर पड़ा। सूरजकुंड वाहन डिपो के सभी वाहनों का डीजल करीब के पेट्रोल पंपों से लिया जा रहा है, लेकिन दिल्ली रोड और निगम मुख्यालय के वाहनों का नहीं। यह मामला शीघ्र ही शासन में पहुंचने वाला है। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि होर्डिंग ठेकेदार ने लखनऊ से निगम अधिकारियों पर दबाव बनवाना शुरू कर दिया है।
आदेश जारी किए हैं
- अधिक दूरी से डीजल खरीदा जाना ठीक नहीं है। डीजल खरीद निकट के पेट्रोल पंपों से ही की जानी चाहिए। ये आदेश हमने वाहन डिपो को जारी किए हुए हैं। - अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।