- रोहटा के गांव उकसिया के किसानों ने 70 से ज्यादा पशुओं को किया अहाते में बंद
- रालोद नेताओं ने गांव में पहुंचकर एसडीएम को दी सूचना, नहीं पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जंगल में फसलों को नष्ट कर रहे गोवंशों को लेकर किसानों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। प्रशासन द्वारा अभियान न चलाने पर बेसहारा गोवंशों को किसान स्वयं ही पकड़ने लगे हैं। रविवार को रोहटा ब्लॉक के गांव उकसिया के लोगों ने सुबह से शाम तक 70 से ज्यादा गोवंश पकड़कर गांव के अहाते में कैद कर दिया। सूचना पर पहुंचे रालोदियों ने इसकी सूचना अधिकारियों को देकर गोवंश ले जाने को कहा। लेकिन सूचना के बाद भी टीम नहीं पहुंची। भूखे पशु अहाते में परेशान घूम रहे हैं। इनके सर्दी में मरने की भी आशंका है।
प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन से बेसहारा पशुओं को पकड़कर इन्हें कांजी हाउस और गौशाला आदि में रखने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जिला प्रशासन इसमें चुस्ती नहीं दिखा रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं पर बाल की प्रक्रिया चल रही है। पशुओं के गेहूं चरने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रविवार को 70 से ज्यादा गोवंश पकड़े जाने की सूचना पर गांव में पहुंचे रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने अधिकारियों को कॉल कर पशुओं को ले जाने को कहा। लेकिन रात तक भी कोई टीम गांव में नहीं पहुंची थी। डॉ. सांगवान ने कहा कि बेसहारा पशुओं ने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है। पकने की तरफ चल रही गेहूं की फसल को बचाने के लिए किसानों को खेतों पर पहरा देना पड़ रहा है। सरकार इन पशुओं को पकड़ने के अलावा फसल बर्बाद होने से पीड़ित किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा प्रदान करें। अगर प्रशासन ने इन पशुओं को नहीं पकड़ा तो मजबूर किसान इन्हें सरकारी कार्यालयों में बांध देंगे।