मेरठ। आदेश का पालन न करने पर सीजेएम अभय प्रकाश नारायण ने थाना प्रभारी निरीक्षक सरधना दिलीप सिंह पर दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। एसएसपी को आदेश दिए हैं कि वह अर्थदंड की राशि दिलीप सिंह के वेतन से काटकर न्यायालय में जमा कराने के साथ आदेश की एक प्रति इंस्पेक्टर की सेवा पुस्तिका में भी चस्पा कराएं।
सीजेएम न्यायालय में दरोगा कर्मवीर सिंह, एएचटीयू क्राइम ब्रांच दिल्ली द्वारा प्रार्थनापत्र दिया गया कि थाना सदरपुर दिल्ली के एक मामले में महिला शशी कश्यप पत्नी दीपक कश्यप निवासी 65ए, गली नंबर 4, कुंदन नगर, लक्ष्मी नगर दिल्ली से दिनांक 14 जुलाई 2016 से अपने घर से लापता है। पता चला कि सरधना क्षेत्र में एक महिला का शव बरामद हुआ था, जिसका मुकदमा थाना सरधना में दर्ज किया गया था। जिसमें महिला की लाश का हुलिया आदि एक सामान है, जो महिला की लाश पायी गई, वह लापता शशी कश्यप की है।
इस मामले में पुलिस सीजेएम अदालत में संबंधित सामान व केस प्रॉपर्टी डीएनए टेस्ट हेतु सौंप दे। दरोगा कर्मवीर सिंह के प्रार्थनापत्र पर रिपोर्ट तलब की गई। लेकिन कई बार रिपोर्ट तलब करने के बावजूद थाना सरधना पुलिस ने रिपोर्ट नही भेजी। अदालत में अधूरी रिपोर्ट भेजने पर 11 जून 2018 को पुन: रिपोर्ट मांगी गयी। जिस पर थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। 21 जून 2018 को न तो थाना प्रभारी सरधना सीजेएम न्यायालय में पेश हुए और न ही कोई लिखित स्पष्टीकरण न्यायालय में दिया गया।
आदेश के बावजूद इंस्पेक्टर सरधना ने न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं दिया। जिस पर सीजेएम ने इंस्पेक्टर सरधना के खिलाफ विविध वाद दर्ज कराया। जिसमें इंस्पेक्टर सरधना को अपने पद के कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतने के लिए दिलीप सिंह के खिलाफ धारा 23/29 पुलिस अधिनियम के तहत दर्ज किया। आदेशित किया कि 16 जुलाई 2018 को उपस्थित होकर जवाब दें। इस मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम ने इंस्पेक्टर सरधना दिलीप सिंह को धारा 23/29 पुलिस अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।