मेरठ। ईद के त्यौहार पर महानगर में करीब 20 लाख लीटर दूध की आपसी भाईचारे की शीर बनी। पराग दुग्ध डेयरी समेत अन्य सभी डेयरियों ने भरपूर आपूर्ति की तो ईद पर दूध की खपत करीब 15 लाख लीटर बढ़ गयी। हर बार की तरह इस बार दूध की समस्या से नहीं जूझना पड़ा।
ईद के त्यौहार पर दूध की खपत बढ़ जाती है। कारण है कि प्रत्येक मुस्लिम परिवार में दूध की शीर बनती है। यही कारण है कि पराग दुग्ध संघ की शहर में दूध की आपूर्ति कई गुना बढ़ गयी। पराग दुग्ध संघ प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक शहर में रोजाना पराग दूध की सप्लाई करीब 40 हजार लीटर होती थी। जो ईद पर बढ़कर 2.20 लाख लीटर पहुंच गयी। पराग के अलावा मदर डेयरी सहित कई कंपनियों का दूध भी सप्लाई होता है। ईद पर मदर डेयरी ने पराग डेयरी से दो लाख लीटर दूध खरीदा, जो ईद पर ही सप्लाई किया गया है।
अगर हम शहर में ईद के त्यौहार पर बनी शीर पर खर्च हुए दूध का आकलन करें तो पराग सहित विभिन्न दुग्ध कंपनियों और शहरों में संचालित एक हजार से भी अधिक डेयरियों से आया दूध खप गया। जिसका आंकड़ा बढ़कर एक ही दिन में लगभग 20 लाख लीटर पहुंच गया।
एक दिन पहले से सप्लाई
पराग दुग्ध संघ ही नहीं बल्कि अन्य दुग्ध कंपनियों ने ईद के तैयार से एक दिन पहले ही यानी शुक्रवार दोपहर से ही दूध की आपूर्ति शुरू कर दी थी। पराग दुग्ध संघ गगोल के महाप्रबंधक एससी वर्मा का कहना है कि शुक्रवार सुबह 11 बजे से ही शहर में दूध की आपूर्ति शुरू करा दी थी। पिछले वर्षों में ईद पर दूध की खपत के अनुपात में हमने छह लाख लीटर दूध की उपलब्धता रखी थी।
बनी निगरानी टीम
पराग के फुल क्रीम दूध की कीमत 52 रुपये किलो रखी गई। निर्धारित कीमतों से अधिक में इसकी बिक्री न हो इसके लिए भी पराग डेयरी प्रशासन ने निगरानी टीम बनायी। दावा है कि शहर में कहीं से भी दूध के अधिक कीमतों पर बेचे जाने की शिकायत नहीं आयी है।
पॉलीपैक और टैंकर से हुई सप्लाई
दूध गली-मोहल्लों में जनता तक आसानी से पहुंचाने के लिए पराग दुग्ध संघ ने जहां पॉलीपैक से आपूर्ति की वहीं, टैंकर भी लगाए। जिसका परिणाम यह हुआ कि पहली बार ऐसी ईद रही है जिस पर पराग ने सबसे अधिक कारोबार किया। व्यवस्था भी खराब नहीं हुई।
खास बातें:
- पराग, मदर डेयरी सहित सभी कंपनियों ने की शहर में दूध की भरपूर सप्लाई
- डेयरियों के साथ आसपास के गांवों से भी पहुंचा शहर में दूध