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रिलीव हुए जेई कुर्सियों पर जमे, बैकडेट में गोलमाल

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मेरठ। नगर निगम में जो हो जाए, वह कम है। चर्चाओं में रहने वाला निगम का निर्माण विभाग अब अवर अभियंताओं के तबादलों को लेकर विवादों के घेरे में आ गया है। ट्रांसफर होने के बाद नगरायुक्त ने सोमवार को सभी को पद मुक्त भी कर दिया। लेकिन ये जेई अभी भी कुर्सियों पर जमे बैठे हैं। बताते हैं कि रिलीव हुए ये जेई पुरानी तिथियों में कुछ फाइलों को पूरा कर गोलमाल कर रहे हैं। जबकि दूसरे जिलों से तबादले पर आए अवर अभियंता चार्ज लेने के लिए भटक रहे हैं।
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नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने अवर अभियंता एसपी सिंह, किशनलाल, बिजेंद्र सिंह, अनूप सिंह, संगीता कश्यप, सुरेंद्र पाल सिंह, नीलम देवी को सोमवार को रिलीव कर दिया था। नियमानुसार उन्हें चार्ज छोड़ देना चाहिए। रिलीव होते ही उन्हें उस नगर निगम और नगर पालिका में चार्ज लेना चाहिए था जहां पर उनका स्थानांतरण हुआ है। लेकिन मंगलवार को ये अवर अभियंता निगम में अपने-अपने कार्यालय में रूटीन में कार्य निपटाते नजर आए। इस संबंध में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने झेंपते हुए बात को डायवर्ट करते कहा कि थोड़ा बहुत पुराना काम रह गया था, सोचा उसके निपटाकर ही चार्ज छोड़ें।
पत्र भी दबाकर बैठे
बताया जा रहा है कि जो जेई दूसरे नगर निगमों से स्थानांतरित होकर मेरठ पहुंच रहे हैं, वह चार्ज लेने के लिए भटकते फिर रहे हैं। इतना ही नहीं नगरायुक्त कैंप कार्यालय पर ज्वाइनिंग करने वाले अधिकारियों का पत्र भी दबा दिया गया है। एक अवर अभियंता राजपाल सिंह ने नगर निगम पहुंचकर अपर नगरायुक्त से इस संबंध में मुलाकात भी की।
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यह तो गलत है
किसी भी नए अवर अभियंता का ज्वाइनिंग पत्र उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। अगर कोई रिलीव होने वाले अवर अभियंता अपने कार्यालय में बैठकर कार्य कर रहे हैं तो वह गलत है। -अलीहसन कर्नी, अपर नगरायुक्त
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खास बातें:
- पिछली तिथियों में किया जा रहा फाइलों का कार्य पूरा
- गैर जिलों से आए जेई चार्ज लेने के लिए भटक रहे
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