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कॉपी घोटाले की न्यायिक जांच की मांग, हंगामा

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कॉपी घोटाले की न्यायिक जांच की मांग, हंगामा
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में कॉपियों की अदला-बदली के खेल का मामला बृहस्पतिवार को फिर गरमा गया। एनएसयूआई और छात्र लोकदल के कार्यकर्ताओं ने विवि में मार्च निकालकर घंटों हंगामा किया। कुलपति का घेराव करते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग कर दी। कुलपति ने छात्रों से कहा कि वे उन्हें 10 रिटायर्ड न्यायाधीशों के नाम लिखकर दे दें, जिस पर वह उनकी कमेटी से जांच कराने के लिए संस्तुति कर देंगे।
बीते शनिवार एसटीएफ की टीम ने कविराज नाम के एक छात्र को गिरफ्तार कर इस खेल को उजागर किया था। कविराज ने खुलासा किया था वह यूनिवर्सिटी के कर्मचारी पवन कुमार, संदीप और कपिल के साथ मिलकर एमबीबीएस की कॉपियां बाहर से लिखवाने के बाद उन्हें उत्तर पुस्तिका कक्ष में रखीं कॉपियों से बदल देता था। जिसके बाद एसटीएफ ने पवन कुमार, संदीप और कपिल को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों ने कुबूल किया था कि वे करीब चार साल से यह खेल कर रहे थे। जांच में यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड कर्मचारी चंद्रप्रकाश और सलेख चंद्र एवं हरियाणा निवासी संदीप के नाम भी सामने आए थे, जो फरार चल रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को पूरे प्रकरण को लेकर एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अवनीश काजला, प्रदेश अध्यक्ष रोहित राणा, छात्र लोकदल नेता आदित्य पंवार और सौरभ सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी पहुंचे। छात्रों ने हाथों में पढ़ाई का मजाक बनाने वालों को कड़ी सजा दिलाने और दलालों को बाहर करो जैसे स्लोगन लिखीं तख्तियां ले रखी थीं। छात्रों ने कुलपति का घेराव करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों-अधिकारियों की वजह से सारे छात्र-छात्राओं की डिग्री पर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में इस प्रकरण की जांच यूनिवर्सिटी अपने स्तर से हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश की कमेटी से कराने की संस्तुति करें।
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मुझे 10 रिटायर्ड न्यायाधीशों के नाम दे दो
कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने जांच पुलिस द्वारा किए जाने की बात कही तो छात्र भड़क गए। कहा कि यूनिवर्सिटी को भी अपने स्तर से जांच कराने का अधिकार है। कुलपति ने छात्रों को बताया कि सभी दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा चुकी है। यूनिवर्सिटी के सभी रिटायर्ड कर्मचारियों को हटा दिया गया है। वीसी ने छात्रों से कहा कि वे दस रिटायर्ड न्यायाधीशों के नाम लिखकर दे दें, वे उन्हीं से जांच कराने के लिए पत्र लिख देंगे। इस दौरान छात्रों की एक शिक्षक से बीच में बोलने पर तीखी झड़प हो गई। हंगामा, प्रदर्शन के दौरान सचिन चौधरी, शुभम मलिक, सुशांत आचार्य, विजय राणा, विशाल चौधरी, अंकुश तालियान, रोहित राणा, अंकित ढाका, अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।


खास बातें:
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कुलपति ने कमेटी के लिए छात्रों से मांगे दस रिटायर्ड न्यायाधीशों के नाम
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