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जागृति विहार विस्तार योजना में किसानों के सामने बेबस हुआ अधिकारी

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जमीन पर किसान काबिज, अधिकारी बैकफुट पर
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मेरठ। राष्ट्रोदय कार्यक्रम के बाद जागृति विहार विस्तार योजना में आवास आवंटन की प्लानिंग कर रहे आवास विकास परिषद के अधिकारी किसानों के तेवर देखकर बैकफुट पर आ गए हैं। कार्यक्रम के दौरान योजना में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद किसानों ने फिर से जमीन जोतनी शुरू कर दी है। उधर आवास विकास अधिकारी तमाशबीन की स्थिति में हैं। उन्होंने इस बावत न तो किसानों से ही बाबत वार्ता की है और न ही आला अधिकारियों को अवगत कराया है।
आवास विकास परिषद ने आरएसएस को राष्ट्रोदय समागम के लिए जागृति विहार विस्तार योजना में तीन सौ एकड़ से ज्यादा भूमि दी थी। जिस पर किसानों का कब्जा था। समागम को लेकर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भारी फोर्स के साथ किसानों से भूमि पर कब्जा हटवाया। जबकि आवास विकास द्वारा अधिग्रहीत भूमि पर किसान लगातार बढ़े प्रतिकर की मांग कर रहे हैं। परिषद ने समागम के बहाने विस्तार योजना में विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिये। आवास विकास जल्द ही योजना में भूखंड आवंटन करने का विचार था। 25 फरवरी को आरएसएस समागम खत्म होने के बाद किसानों ने जमीन पर दोबारा कब्जा लेना शुरू कर दिया है।
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अधिकारियों को नहीं चिंता
अधिकारियाें को इस समस्या के समाधान को लेकर जैसे कोई सरोकार नहीं है। संयुक्त आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद प्रतिकर को लेकर किसानों को दो टूक जवाब दे चुके हैं कि किसी भी हालत में बढ़ा प्रतिकर नहीं मिलेगा। समागम के बाद दोबारा किसानों ने जमीन पर कब्जा शुरू किया तो अधिकारी अब कुछ नहीं बोल रहे हैं। न ही इस बाबत किसानों से बात की जा रही है। समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम भी नहीं उठाया जा रहा है।

इन साहब की भी सुनो
आवास विकास के अधीक्षण अभियंता एसपीएन सिंह कुछ और ही बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों से जमीन आरएसएस समागम के नाम पर ही ली गई थी। अब किसान जमीन तो वापस लेंगे ही। अब सवाल उठता है कि जब आवास विकास का यही रुख था तो विस्तार योजना में सड़कों, स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्यों में करोड़ों का खर्च क्यों किया। किसानों ने हापुड़ रोड़ से गढ़ रोड़ जा रही डिवाइडर रोड़ को भी बंद कर दिया है। जबकि कुछ जमीन पर किसानों ने खेती शुरू कर दी है।
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खरीदारों को लग सकता है झटका
आवास विकास की जागृति विहार विस्तार योजना में भूखंड खरीदने वालों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। योजना में भूखंड आवंटन प्रक्रिया को लेकर परिषद लखनऊ प्रस्ताव भी भेज चुका है। ऐसे में किसानों ने अगर दोबारा कब्जा कर लिया तो परिषद के सामने समस्या खड़ी हो सकती है।


खास बातें:
जागृति विहार विस्तार योजना में जमीन पर कब्जा लेने का मामला
आवास विकास ने राष्ट्रोदय के लिए विकास कार्यों पर कर दिये करोड़ों खर्च
कार्यक्रम के बाद योजना को परवान चढ़ाने का था अफसरों का प्लान
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