अब रेलवे भी उपलब्ध कराएगा सस्ते सेनेटरी नैपकिन
मेरठ। फिल्म पैडमैन के जरिये उठाए गए संवेदनशील मुद्दे के बाद रेलवे भी अब महिला रेल यात्रियों और कर्मचारियों को ‘नैपकिन’ उपलब्ध कराएगा। रेलवे ने पर्यावरण अनुकूल कम कीमत वाले सेेनिटरी नैपकिन का उत्पादन शुरू कर दिया है। सोमवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे द्वारा शुरू की गई ‘दस्तक’ नामक उत्पादन यूनिट का दौरा किया।
उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नितिन चौधरी ने बताया कि रेलवे महिला कल्याण केंद्रीय संगठन सरोजिनी नगर रेलवे कालोनी सेंटर नई दिल्ली द्वारा पर्यावरण अनुकूल सेनेटरी नैपकिन गत 1 जनवरी से बनाए जा रहे हैं। अभी इस इकाई में 6 कर्मचारी कार्यरत है और 400 नैपकिन प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा है। इस सेल्फ हेल्प ग्रुप उद्यम उत्पादन के स्तर को संपूर्ण भारत के लिए तैयार किया जाएगा।
पर्यावरण अनुकूल होगा नैपकिन
नितिन चौधरी ने बताया कि रेलवे द्वारा सामाजिक पहल के तहत ‘दस्तक’ नामक नैपकिन बनवाए जा रहे हैं। ये नैपकिन कम कीमत के साथ ही पर्यावरण अनुकूल और स्वच्छ होंगे। पैकिंग के बाद नैपकिन को अल्ट्रा वॉलेट किरणों के उपयोग से जीवाणु रहित किया जाता है।
सिटी और कैंट स्टेशन पर मिलेंगे नैपकिन
आगामी आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देश के 200 रेलवे स्टेशनों पर नैपकिन वितरक व भस्मक सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इन स्टेशनों में मेरठ सिटी और कैंट स्टेशन पर भी संभावना तलाशी जा रही है। नई दिल्ली, भोपाल रेलवे स्टेशनों के अलावा देश के अन्य बड़े स्टेशनों के अलावा उत्तर रेलवे के मुख्यालय बड़ौदा हाउस में पहले ही वितरक व भस्मक स्थापित किए जा चुके हैं।
खास बातें
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक 200 रेलवे स्टेशनों पर वितरक और भस्मक स्थापित करने का फैसला
- सिटी व कैंट स्टेशन पर भी तलाशी जा रही संभावना
- 6 पैड वाले एकल पैकेट की लागत 22 रुपये