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निगम में बिना शर्त पूरा किए टेंडर पास, बचा घोटाला

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मेरठ। नगर निगम में कब, कहां खेल हो जाए, कोई गारंटी नहीं है। ताजा मामला सामने आया है कि निगम के जलकल विभाग में टेंडर की शर्तों को नजर अंदाज करके पानी के टैंकर खरीद की नींव रखी जा रही है। इसके लिए बिना शर्तें पूरा किए टेंडर भी पास हो गए। लेकिन घोटाला होने से पहले ही लेखा विभाग ने मामला पकड़ लिया। जलकल विभाग को फाइलें वापस भी कर दी गई।
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15वें वित्त आयोग के खजाने से नगर निगम के जलकल विभाग को पानी के पांच टैंकर और ट्यूबवेलों की मोटरें खरीदनी थीं। दोनों के लिए टेंडर निकाले गए थे। मोटर सप्लाई के लिए तो किसी भी फर्म ने आवेदन नहीं किया। लेकिन टैंकर सप्लाई के लिए कुछ फर्म सामने आईं। निगम ने टेंडर की शर्तों में निश्चित किया था कि वही कंपनी टैँकर सप्लाई कर सकेगी जिसका खुद का कारखाना हो। बताया जा रहा है कि टेंडर की शर्त को किसी भी कंपनी ने पूरा नहीं किया। उसके बाद भी जलकल विभाग के अधिकारियों ने टेंडर पास कर दिए। साथ ही एकाउंट विभाग को फाइलें भी भेज दीं।
शर्तों को किया अनदेखा
नगर निगम के एकाउंट विभाग ने जांच शुरू की तो टेंडर की शर्तों को अनदेखा किए जाने का मामला सामने आ गया। इस संबंध में जब एकाउंट ऑफिसर मनोज त्रिपाठी से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि टेंडर डालने वाली कंपनियों ने शर्तों को पूरा ही नहीं किया, इसलिए फाइलें जलकल विभाग को वापस कर दी गयी हैं। टेंडर निरस्त करने का अधिकार नगरायुक्त के पास है।
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खास बातें:
- निगम के जलकल विभाग का पकड़ा गया खेल
- पानी के टैंकर और ट्यूबवेलों की मोटर खरीदी जानी थी
- लेखा विभाग ने पकड़ी गड़बड़ी, फाइलें कर दीं वापस
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