मेरठ। सीडीए से रिटायर्ड महिला कर्मचारी की बुधवार को बैंक की गलती से हालत बिगड़ गई। उनके बचत खाते में 18 लाख रुपये थे। लेकिन पास बुक अपडेट होने के बाद एंट्री के हिसाब से उनके खाते में केवल छह हजार रुपये ही बताए गए। बाद में बैंक अफसरों ने गलती सुधारी तो उनकी जान में जान आई।
मामला एसबीआई की कैंट ब्रांच से जुड़ा है। कंकरखेड़ा निवासी ईश्वरी देवी 31 जुलाई को सीडीए से रिटायर हुई थीं। बीती 9 अक्तूबर को उनकी ग्रेच्युटी के 13.55 लाख रुपये उनके बचत खाते में आए थे। जिन्हें मिलाकर उनके खाते में करीब 18 लाख रुपये जमा थे। काफी समय से उन्होंने पासबुक अपडेट नहीं कराई थी।
बुधवार सुबह बैंक से वह घर लौटीं तो पास बुक की एंट्री देखकर उन्हें चक्कर आ गए। एंट्री के अनुसार उनके खाते से मोटी रकम कुछ खातों में ट्रांसफर की गई थी। चेक और एटीएम से भी अलग-अलग कर रकम निकाली गई थी। ट्रेवल एजेंसी के अलावा शॉपिंग मॉल में भी भुगतान किया गया था। जिसके बाद उनके खाते में केवल छह हजार रुपये ही शेष बताए गए। ईश्वरी को उनके बेटे विकास और सचिन अस्पताल लेकर पहुंचे और प्राथमिक उपचार दिलाया। बाद में बैंक पहुंचे और प्रबंधक को पूरा मामला बताया। बैंक अधिकारियों ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि गलती से किसी दूसरे एकाउंट नंबर की एंट्री उनकी पास बुक में हो गई थी। अफसरों ने अपनी गलती मानी और उनकी पास बुक में सही एंट्री की। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
वहीं, एसबीआई कैंट के एजीएम संजय कुमार सिंह के अनुसार भूल से गलत खाते की एंट्री होने से ये गड़बड़ी हो गई थी। पीड़ित की पासबुक में सही एंट्री करा दी गई है। वे संतुष्ट होकर गए हैं।
खास बात
- एसबीआई कैंट ब्रांच में पासबुक अपडेट कराने पहुंची थी सीडीए से रिटायर्ड महिला कर्मचारी
- बचत खाते में थे 18 लाख रुपये, एंट्री हुई केवल छह हजार की, बाद में बैंक ने गलती मानी