मेरठ। कमिश्नरी स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में गेट लगाए जाने की सूचना पर पहुंचे रालोदियों ने जमकर हंगामा काटा। इसके बाद गेट के लिए तोड़ी दीवार को फिर से बना दिया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा के सामने वाले गेट को दिव्यांगों के लिए बनाए जाने की सहमति बनने के बाद ही रालोद कार्यकर्ता लौट गए।
सोमवार को नगर निगम ठेकेदार चौधरी चरण सिंह पार्क में कचहरी की तरफ वाले गेट की बगल में दूसरा गेट बनवा रहा था। मामले की सूचना मिलने के बाद रालोद के पूर्व प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान, जिलाध्यक्ष राहुल देव, मीडिया प्रभारी सुनील रोहटा समेत दर्जनों नेता मौके पर पहुंच गए और गेट लगाने का कारण पूछा। निगम ठेकेदार ने दिव्यांगों की ट्राइसाइकिल के पार्क में जाने के लिए गेट लगाने की बात कही। इस पर नेताओं ने इसका कार्य आदेश और शासनादेश की कापी मांगी। सांगवान ने कहा कि दिव्यांगों के नाम पर इस पार्क का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं करने दिया जाएगा। खुला गेट लगने से पार्क में ही वाहनों की पार्किंग होने लगेगी। सुनील रोहटा ने कहा कि पार्क में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थापित है। यहां लोग सुबह और शाम घूमने आते हैं। पार्क की सुंदरता को खराब नहीं होने दिया जाएगा। हंगामे की सूचना पर पहुंचे निगम अधिकारियों से भी नेताओं की झड़प हुई। काफी देर हंगामा होने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा के सामने वाले गेट को चौड़ा करने पर सहमति बनी। इस मौके पर पूर्व विधायक परवेज हलीम अहमद, एनुद्दीन शाह, नरेंद्र खजूरी, इंद्रपाल सिंह, राजेंद्र चिकारा, योगेश फौजी, वरुण सांगवान, वरुण करनावल, सुबोध मलिक, डॉ. अजेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
खास बात
कचहरी के सामने गेट लगाने का रालोद ने किया विरोध