परतापुर। शताब्दीनगर सेक्टर 4 बी में भूमि अधिग्रहण की नई नीति के तहत मुआवजे की मांग को लेकर तीन साल से चल रहे किसानों के धरने के दौरान एक किसान की मंगलवार रात हार्टअटैक से मौत हो गई। 16 किसानों की यहां अब तक मौत हो चुकी है लेकिन शासन प्रशासन इस और गंभीर नजर नहीं आ रहा।
किसानों के मुताबिक गांव घोपला निवासी 60 वर्षीय अजीत सिंह को रात में सीने में दर्द हुआ था। स्थानीय चिकित्सक को दिखाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आने पर अजीत की सुभारती अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। अजीत के दो बेटे उमेश व रोबिन और एक पुत्री है।
बुधवार को गांव के शमशान घाट पर अजीत का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शाम को धरने पर आयोजित शोक सभा में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान किसानों में शासन प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त था। कहना था कि तीन साल धरना चलते हुए हो गए और 16 किसानों की जान जा चुकी है। लेकिन हर बार प्रशासनिक अफसर किसानों को झूठा आश्वासन देकर शांत कर देते हैं। भाकियू नेता विजयपाल घोपला का कहना है कि किसान अगर ऐसे ही मरता रहा तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा इस बार किसान किसी कीमत पर मानने वाला नहीं है। शोक सभा में शताब्दीनगर योजना से जुडे़ सभी किसान मौजूद रहे।
- तीन साल से चल रहा धरना, 16 किसानों की हो चुकी मौत