मेरठ। जिले में कोरोना के शुक्रवार को 119 नए मरीज मिले। पुलिस लाइन में 5 वर्ष का बच्चा संक्रमित मिला है। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि 5112 लोगों के सैंपलों की जांच की गई थी। मरीजों में सरकारी सेवारत कर्मचारी, उद्यमी, छात्र, श्रमिक, महिलाएं, किसान, पेंशनर शामिल हैं।
जिले में अब संक्रमित मरीजों की संख्या 19455 पहुंच गई है। 382 की मौत हो चुकी है। 17028 मरीज अभी तक डिस्चार्ज हो चुके हैं। 2045 सक्रिय मरीज हैं। कोरोना संक्रमित मिले मरीजों को मेडिकल कॉलेज और अन्य कोविड सेंटरों में आइसोलेट कराया जा रहा है। शुक्रवार को 135 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।
11 दिन में 11 की मौत
कोरोना संक्रमण से दिसंबर के 11 दिनों में 11 मरीजों की मौत हुई है। 30 नवंबर तक कोरोना से जिले में 371 मरीजों की मौत हुई थी। 17, 869 मरीज पॉजिटिव मिले थे। इस माह अभी तक 11 दिनों में मौत की संख्या में कमी आई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि मौत का आंकड़ा कम हुआ है। यह अच्छे संकेत हैं।
कुलपति तनेजा की रिपोर्ट निगेटिव
सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. सविता तनेजा की कोविड-19 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोरोना पॉजीटिव आने के बाद से उनका दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उपचार चल रहा है। कैंपस में लगातार कर्मचारियों-शिक्षकों की कोविड-19 की जांच कराई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज को प्लाज्मा निकालने की अनुमति मिली
मेरठ। मेडिकल कॉलेज को शुक्रवार को प्लाज्मा निकालने की अनुमति मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर लाइसेंसी अथॉरिटी लखनऊ से अनुमति मिल गई है। प्लाज्मा निकालने की मशीन पहले ही आ गई थी।
मेडिकल में अपनी मशीन के लिए काफी समय से शासन से मांग की जा रही थी। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना के जो मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और ठीक हुए 28 दिन हो चुके हैं। वह 3 महीने तक प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। इन मरीजों की लगातार सूची तैयार की जा रही है। मशीन करीब 20 लाख रुपये की कीमत की है।