अपहृत किशोरी के धर्म परिवर्तन की कोशिश
परीक्षितगढ़ से सात मई को दूसरे समुदाय के युवकों ने किया था किशोरी का अपहरण
मुख्य आरोपी और पिता समेत दो गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किशोरी परिजनों को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
परीक्षितगढ़/मेरठ। किशोरी का अपहरण करने के मामले में बृहस्पतिवार को पीड़िता ने कोर्ट में चार लोगों के खिलाफ बयान दर्ज कराए। किशोरी ने अपहरण के साथ धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया। किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र की अनुसूचित जाति की 16 वर्षीय किशोरी का सात मई को कार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया था। आरोप दूसरे समुदाय के युवकों पर था। जिसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र भड़ाना ने लवी कुमार आदि कार्यकर्ताओं के साथ थाने का घेराव करते हुए किशोरी को बरामद करने की मांग की थी। एसओ परीक्षितगढ़ को किशोरी बरामद न होने पर चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद क्षेत्र में महापंचायत का ऐलान होने पर पुलिस अफसरों की नींद टूटी। बाद में पुलिस ने किशोरी के पिता की तहरीर पर अपहरण के मुख्य आरोपी अरबाज, सरफराज, सरताज पर अपहरण और एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। मामला बढ़ता देख 13 मई की रात को पुलिस ने थाना हस्तिनापुर के एक गांव से किशोरी को बरामद कर लिया था। मुख्य आरोपी अरबाज और उसके पिता इरशाद को भी गिरफ्तार किया। वहीं, किशोरी ने आरोप लगाया कि अपहरण के बाद नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब वह होश में आई तो उससे कहीं अज्ञात स्थान पर ले जाकर धर्म परिवर्तन करने की कोशिश की गई।
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार को किशोरी को बयान के लिए कोर्ट में पेश किया गया। जहां किशोरी ने अपने बयान में मुख्य आरोपी अरबाज व उसके पिता इरशाद, भाई सरफराज, सरताज, सलीम पर अपहरण कर ले जाने की बात कही। किशोरी के बयानों के बाद कोर्ट ने किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपहरण के मुख्य आरोपी अरबाज व इरशाद को पॉक्सो एक्ट, अपहरण एवं एससीएसटी एक्ट में जेल भेज दिया।
किशोरी की ठीक नहीं स्थिति
किशोरी के पिता ने कहा कि किशोरी के साथ आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। किशोरी बिलखकर आपबीती बताती है। किशोरी के साथ गलत काम किया गया। आरोपी लगातार धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाल रहे थे। किशोरी ने धर्म परिवर्तन से इंकार किया तो बेरहमी से मारपीट की। उधर, भाजपा चेयरमैन अमित मोहन टीपू, कपिल लौहरे, रणपाल गुर्जर, गुल्लु प्रधान, गुड्डू प्रजापति, रामगोपाल त्यागी, सोनू त्यागी आदि मामले की जानकारी लेने पीड़ित पक्ष के पास पहुंचे।