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नहीं रुका स्वाइन फ्लू तो जांच भी होगी मुश्किल

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नहीं रुका स्वाइन फ्लू तो जांच भी होगी मुश्किल
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खत्म होने की कगार पर जांच किट और अन्य सामान
22 लाख का प्रपोजल भेजा, एक लाख की अनुमति मिली
मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी में होती है स्वाइन फ्लू की जांच
मेरठ। अगर स्वाइन फ्लू अब नहीं रुका तो इसकी जांच करनी भी मुश्किल हो जाएगी। दरअसल, मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में स्वाइन फ्लू की जांच किट व इससे संबंध अन्य सामान खत्म होने की कगार पर हैं। इसे मंगाने के लिए विभाग ने करीब 22 लाख रुपये कीमत के सामान और किट का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था, मगर वहां से सिर्फ एक लाख रुपये का ही सामान लेने की अनुमति मिल सकी है।
मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में 89 दिनों 1741 सैंपलों की जांच हुई है, जिनमें 585 लोग स्वाइन फ्लू के मिले हैं। इनमें 384 मरीज मेरठ तो 201 मरीज आसपास के जिलों के हैं। इस दौरान मेरठ के पांच लोगों की मौत हो चुकी है। साल 2017 में स्वाइन फ्लू के मेरठ में 395 मरीज मिले थे। इनमें 21 लोगों की मौत हो गई थी। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि स्वाइन फ्लू की जांच के लिए आवश्यक रसायन और किट में अधिकांश की खरीद जैम पोर्टल से की जा चुकी है। लेकिन कुछ किट और सामान ऐसा है जो जैम पोर्टल और ई निविदा दर पर उपलब्ध नहीं है। जिस कारण वह खरीदा नहीं जा सका है। इसके लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को लिखा गया था, वहां से एक लाख रुपये केसामान और किट की अनुमति मिली है, जबकि जो सामान और किट खरीदी जानी है, उसकी कीमत इससे काफी ज्यादा है।
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गर्मी करेगी वायरस को कमजोर
एक तरह स्वाइन फ्लू की किट को लेकर संकट पैदा हो सकता है, लेकिन दूसरी तरफ मौसम में बढ़ी गर्मी से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। तापमान बढ़ने से स्वाइन फ्लू का वायरस कमजोर हो जाता है। स्वाइन फ्लू का वायरस ठंड के मौसम में ज्यादा असरदार होता है। हालांकि 2017 में इसका भी अपवाद रहा था और गर्मी के मौसम में ही स्वाइन फ्लू का वायरस अटैक करने लगा था। हालांकि इस बार स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ऐसा नहीं होगा।
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गनीमत : दो दिन से नहीं मिले मरीज
गनीमत है कि पिछले दो दिन से स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है। शुक्रवार और शनिवार को मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में 18 सैंपलों की जांच हुई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि तापमान बढ़ने के कारण यह हुआ है।
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