खरखौदा। कस्बे में एक सप्ताह से पूर्व अस्थायी गोशाला बनाकर पशुओं को इनमें रखा गया। यहां पर इनके रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण अब तक तीन पशुओं की मौत हो चुकी है।
प्रदेश भर में गोवंशों के कटान पर सख्ती के बाद गोवंशों की संख्या बढ़ गई। ये किसानों की मेहनत से पैदा की गई खड़ी फसल को डकारने लगे हैं। वहीं इनके कारण कई बडे़ हादसे भी हो गए। इसलिए किसानों की इनके संरक्षण की मांग उठाई तो मुख्यमंत्री ने नगर एवं देहात में गोशालाएं खोले जाने का आदेश दिया था। किसानों की मांग पर मुख्यमंत्री ने स्थायी गोशालाएं तैयार होने तक अस्थायी गोशालाओं का प्रबंध कराया था। इसके तहत कस्बे में भी एक सप्ताह पहले भाजपा नेता की बंद पड़ी फैक्ट्री में अस्थायी गोशाला खोली गई। जिसमें खरखौदा कस्बा समेत आसपास के गांवों से अब तक करीब 90 आवारा पशु पहुंच चुके हैं। अस्थायी गोशाला की जांच के लिए एसडीएम सदर निशा अनंत पहुंची थीं। जिसमें उन्होंने जल्द गोशाला में पशुओं को कड़कड़ाती ठंड से बचाने के लिए टिन शेड, चारे एवं पानी की व्यवस्था कराने का आदेश दिया था। एक सप्ताह बाद भी नगर पंचायत की ओर से न तो टिन शेड डाला गया और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था की गई है। जिस कारण एक सप्ताह में गोशाला में तीन गोवंशों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शशीप्रभा चौधरी का फोन रिसीव नहीं हो सका।
वर्जन
एक सप्ताह में भी उचित व्यवस्था नहीं की गई तो यह गलत है। मामले की जांच कराई जायेगी। -निशा अनंत, एसडीएम सदर मेरठ
मुख्य बातें
एसडीएम के आदेश के बावजूद नगर पंचायत ने अस्थायी गोशाला में टिन शेड और पानी की व्यवस्था नहीं की