पुलिस ने पूर्व एमएलसी के परिवार पर कसा शिकंजा
सहारनपुर। अवैध खनन को लेकर सुर्खियों में रहे विधान परिषद के पूर्व सदस्य हाजी इकबाल के परिवार पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जमीन कब्जाने के मामलों में चार रिपोर्ट पुलिस पूर्व एमएलसी के परिवार पर दर्ज चुकी है। इनमें तीन में उनके भाई बसपा एमएलसी महमूद अली को भी नामजद किया गया है। अब गैंगेस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की गई है। हाजी इकबाल के खिलाफ दर्ज हुए मामलों में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
मिर्जापुर पुलिस ने जमीन पर अवैध कब्जों को आधार बनाकर पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद इकबाल उनके दो पुत्रों जावेद और वाजिद के अलावा भाई बसपा एमएलसी महमूद अली के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिसकी भनक किसी को नहीं लग पाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने जावेद की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की बात कही है। हाल में ही पुलिस ने हरिद्वार के एक शख्स की जमीन कब्जाने के मामले में हाजी इकबाल, एमएलसी महमूद अली समेत चार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके बाद गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की गई है।
यह हुए मुकदमे--
-फतेहपुर टांडा निवासी पाला ने 14 मार्च 2018 मिर्जापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि हाजी इकबाल उनके बेटे अलीशान, वाजिद, अफजाल भाई एमएलसी महमूद अली समेत सात ने उसकी साढ़े सात बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है।
-5 अप्रैल 2018 में उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार के रानीपुर निवासी राकेश अरोड़ा ने 4.4 बीघा भूमि कब्जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। राकेश का कहना था, कि उसकी यह जमीन हाजी मोहम्मद इकबाल की यूनिवर्सिटी से सटी हुई थी, जिस पर उनके द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है। इसमें भी हाजी इकबाल, उनके भाई एमएलसी महमूद अली, उनके बेटे जावेद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
-5 अप्रैल 2017 में उत्तराखंड के सहसपुर निवासी मोहम्मद राशिद ने पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल, उनके भाई एमएलसी महमूद अली और उनके बेटों के खिलाफ रुपये के लेनदेन का मामला दर्ज कराया। राशिद का आरोप था, कि उनके हाजी इकबाल पर 49 लाख 88 हजार रुपये हैं। यह रुपये मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 196/17, 420, 406 एवं 506 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
-2 नवंबर 2017 में तहसील बेहट के हलका लेखपाल पंकज ने हाजी मोहम्मद इकबाल, उनके भाई एमएलसी महमूद अली आदि पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।