- थोक में कम होने पर भी फुटकर में दाम कम नहीं कर रहे सब्जी विक्रेता
- डीजल पर बढ़ती महंगाई का बताया जा रहा असर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। हरी सब्जी महंगाई में लाल हो रही हैं। सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आम आदमी की थाली से हरी सब्जी गायब होती दिख रही है। दस दिन में सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। बरसात में दाम और भी बढ़ेंगे। थोक और फुटकर के बीच भारी अंतर से भी महंगाई बढ़ रही है। महंगाई के लिए डीजल पर महंगाई को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है।
दिल्ली रोड स्थित नवीन सब्जी मंडी और लोहियानगर मंडी से सब्जी शहर में जाती है। 3797 आलू के रेट फुटकर में 25 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। फसल में जो आलू पांच से दस रुपये किलो थोक में बिका था, अब उसकी कीमत दो से तीन गुना अधिक है। इसी प्रकार टमाटर भी फुटकर में काफी महंगा है। दस दिन भले टमाटर काफी महंगा था, लेकिन अब दाम में कमी आने के बाद भी फुटकर विक्रेता पहले ही भाव में बेच रहे हैं। शनिवार को अमर उजाला ने नवीन मंडी से सब्जियों के थोक भाव और शहर में विभिन्न स्थानों से फुटकर के दाम लिए तो काफी अंतर देखने को मिला।
10 दिन पहले और अब सब्जी के भाव
सब्जी पहले थोक - अब थोक - फुटकर
आलू चिप्सोना 15 18 25- 35
टमाटर 20-25 15-16 40- 45
लोकी 8 10 20
बैंगन 10 18-20 30
तोरई 10 15-16 30
भिंडी 15 18- 20 30
करेला 08 10 20
हरी मिर्च 08 8-12 20
प्याज 12-15 16-20 30
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(नोट : भाव रुपये प्रतिकिलो में है)
अभी और बढ़ेंगे दाम
यदि बरसात लगातार होती है तो हरी सब्जियां कम हो जाएंगी। सब्जियों के दाम बढ़ेंगे। कांवड़ मेला भी आ रहा है। रास्ते बंद होने के कारण आवक कम होगी तो महंगाई अधिक होगी। -पद्म सिंह सैनी, आढ़ती, नवीन सब्जी मंडी