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बुनकर कनेक्शन फर्जीवाड़े से हिला पश्चिमांचल

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मेरठ। बुनकर कनेक्शन आवंटन में मिल रहे भारी फर्जीवाड़े ने पीवीवीएनएल को हिलाकर रख दिया है। एमडी आशुतोष निरंजन ने सत्यापन में निकले सब्सिडी घोटाले के इस जिन्न पर कड़ा एतराज जताते हुए जल्द ही पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
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बताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद घोटाले में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा फर्जी तरीके से कनेक्शन लेने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। सूत्रों का दावा है कि अगर मामले की जांच एसआईटी से कराई जाए तो यह खेल और भी ज्यादा बड़ा निकलेगा। फिलहाल सरकार ने मामले का सत्यापन उन्हीं विभागों को दिया है जो इस फर्जीवाड़े के खेल में शामिल रहे हैं। इससे इसकी निष्पक्ष जांच पर सवाल उठना लाजिमी है।
प्रदेश में बुनकर श्रेणी के कनेक्शनों की बंदरबांट में हथकरघा विभाग पर यूपीपीसीएल की 3100 करोड़ रुपये की सब्सिडी बकाया हो गई है। इसमें पीवीवीएनएल की करीब 800 करोड़ रुपये सब्सिडी बकाया है। इतनी बड़ी बकाया राशि देने से हथकरघा विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। दोनों विभागों के बकाया वसूली में आमने सामने आने पर सरकार ने बुनकरों का सत्यापन कर लाभार्थी की सब्सिडी डीबीटी के जरिये देने का प्रावधान किया है। सत्यापन जांच की शुरूआती रिपोर्ट में ही योजना में बड़ा घपला मिल रहा है।
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इस मामले की खबर को अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर से पीवीवीएनएल के ऊर्जा भवन में दिनभर हड़कंप मचा रहा। एमडी आशुतोष निरंजन ने वाणिज्य अनुभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर पूरे मामले की गहनता से जानकारी ली। पावर सूत्रों के मुताबिक एमडी ने पूरे मामले में कड़ा एतराज जताते हुए फर्जी कनेक्शन निरस्त करने के साथ ही घपलेबाज अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। पूरी रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कार्यवाही की जाएगी। इस बारे में एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि बुनकर कनेक्शनों का अभी सत्यापन कार्य चल रहा है। एक सप्ताह के अंदर पूरी रिपोर्ट उनके पास पहुंच जाएगी। इसके बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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खास बातें:
- पावरलूम कनेक्शनों के सत्यापन में मिले फर्जीवाड़े पर पीवीवीएनएल एमडी ने मांगी रिपोर्ट
- एसआईटी जांच हो तो फंसेंगे बिजली विभाग और हथकरघा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी
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