सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 151 जोड़ों ने लिए फेरे
मुरादनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत असालतनगर स्थित आईटीएस कॉलेज में बृहस्पतिवार को 151 जोड़े विवाह बंधन में बंध गए। इस विवाह समारोह में हिंदू, मुस्लिम और सिख एक ही मंडप में नजर आए। सभी जोड़ों को विवाह के बाद घरेलू सामान सहित शादी के प्रमाणपत्र दिए गए। समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव मनोज सिंह, डीएम रितु माहेश्वरी, एसएसपी एचएन सिंह और सीडीओ ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम बृहस्पतिवार सुबह 11 से शाम पांच बजे तक दो चरणों में हुआ। शुभारंभ गाजियाबाद नगर निगम की महापौर आशा शर्मा ने किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी पारितोष श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर, फरीदनगर, भोजपुर, मकनपुर, डासना, रजापुर और गाजियाबाद से 151 जोड़े शादी के लिए चिन्हित किए गए थे। कार्यक्रम सूफियाना संगीत भी रखा गया था। सामूहिक विवाह का प्रथम चरण सुबह 11 बजे से दो बजे तक चला। जयमाला डलवाकर जोड़ों को शादी का प्रमाणपत्र दिया गया। जयमाला के बाद उन्हें फेरे और निकाह के लिए मंडप पंडाल में भेजा गया। दोपहर करीब तीन बजे समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव मनोज सिंह कार्यक्रम में पहुंचे और नवदंपति को शादी का प्रमाणपत्र घरेलू सामान उपहार में दिया। सीडीओ रमेश रंजन, एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर अतुल कुमार, एसडीएम मोदीनगर पवन अग्रवाल सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पूनम ने किया। नवदंपति शाईश्ता व माजिद, नरगिस व सलमान, नसरीन व रिजवान, पिंकी व कपिल, ब्रजेश व राहुल आदि का कहना है कि सामूहिक विवाह फिजूल खर्च से बचाता है। सामूहिक विवाह योजना में शामिल होने आए लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण बिना खाना खाए लौटना पड़ा। डीएम रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवदंपति को सरकार की ओर से उपहार के तौर उनके खाते में 20 हजार रुपये, सामाजिक संस्थाओं की ओर से घरेलू सामान उपलब्ध कराया गया। सरकार की कल्याणकारी योजना है, जिसमें गरीब, असहाय लोगों की मदद की जा रही है।
ड्रोन की सुरक्षा में रहे विवाह मंडप
शादी समारोह के दौरान सुरक्षा के लिए ड्रोन को लगाया गया था। क्योंकि कार्यक्रम में अच्छी-खासी भीड़ थी। उनकी सुरक्षा भी पुलिस के लिए चुनौती थी। पुलिस बल भी तैनात रहा।
जयमाला के बाद मंडप में नहीं लिये फेरे
मंच पर जयमाला डालने के बाद जोड़ो को फेरे के लिए मंडप में भेज दिया जाता था। अधिकांश जोड़ों ने मंच पर जयमाला तो डाली, लेकिन मंडल में फेरे नहीं लिये। मोरटा निवासी मोनू, साक्षी ने बताया कि फेरे घर जाकर लेंगे।
नेत्रहीन सरिता ने भी फेरे लिये
गाजियाबाद सिब्बनपुरा निवासी नेत्रहीन सरिता ने सुभाषनगर निवासी धर्मपाल के साथ फेरे लिये। सरिता दोनों आंखों से देख नहीं सकती। इसके अलावा मूक बधिर दंपति भी परिणय सूत्र में बंधे।
बाल विवाह होने से रोका
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक जोड़ा बाल विवाह के लिए भी पहुंचा। प्रशासन ने बिना शादी कराए उन्हें लौटा दिया।