मेरठ। स्वास्थ्य विभाग 26 दिसंबर से महानगर के 94 मोहल्लों में पांच लाख 26 हजार 44 लोगों का सर्वे कर टीबी के मरीजों की तलाश करेगा। यह अभियान नौ जनवरी 2018 तक सक्रिय क्षय रोग खोज कार्यक्रम के तहत चलाया जाएगा। इसमें 192 टीमें लगाई गई हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि इस अभियान का नाम ‘टीबी-फ्री इंडिया’ है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर टीबी रोग से जुड़ी जानकारी देंगे। अगर किसी मरीज में बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो उसका सैंपल लेकर जांच कराएंगे। यह अभियान शहरी क्षेत्र की मलिन बस्तियों में चलाया जाएगा। यह इस अभियान का द्वितीय चरण है। पहले चरण में राज्य स्तर पर यह अभियान मेरठ समेत छह जिलों में चलाया गया था। द्वितीय चरण में मेरठ समेत यह अभियान 25 जिलों में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेरठ में इस अभियान के तहत 38 सुपरवाइजर स्टाफ होगा, जबकि 13 नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
पिछले अभियान में मिले थे 80 सक्रिय मरीज
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग के सक्रिय क्षय रोगियों की तलाश में पहले चलाए गए 15 दिन के अभियान में 80 लोगों को टीबी निकली थी। इन लोगों को नहीं पता था कि इन्हें टीबी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि चार से 18 अगस्त तक चले इस अभियान के तहत 164 टीमों ने नगरीय स्लम क्षेत्र के 45 मोहल्लों में 4 लाख 44 हजार 916 जनसंख्या में टीबी के लक्षणों की स्क्रीनिंग (जांच) की थी। इन टीमों ने घर-घर जाकर 1538 संभावित टीबी रोगियों की बलगम एकत्रित कर लैब में जांच के लिए पहुंचाया। इनमें से 80 टीबी के मरीज मिले थे।
खास बात
- 26 दिसंबर से शुरू होगा टीबी सघन खोज अभियान
- मरीजों को खोजने के लिए 192 टीमें लगाई गईं
- प्रदेश के 25 जिलों में चलाया जा रहा अभियान