मेरठ। इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग की ओर से चल रही दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। संगोष्ठी के दूसरे दिन सृजनात्मक सत्र हुआ। कविता पाठ एवं शोध पत्रों का वाचन किया गया।
प्रो. एसके चौहान ने इंडियन इंग्लिश लिटरेचर ए पर्सपेक्टिव ऑफ द होल वेली पर विचार रखे। अतिथि वक्ता सीसीएसयू में अंग्रेजी विभाग की एचओडी डॉ. प्रतिभा त्यागी रहीं। उन्होंने भारतीय अंग्रेजी साहित्य पर विचार रखे। डॉ. रेखा सेठ ने गीत नदी नारे न जाओ श्याम पैया पड़ूं सुनाया। एमएल गर्ग ने चेहरा जब चांद था आइना न था, आइना जब आया चांदनी चली गई गीत सुनाया। कवियत्री तुषा शर्मा ने कहा कि इसलिए जीने का अरमान अभी बाकी है, जिंदगी पर तेरा अहसान अभी बाकी है, सोचती हूं यूं ही ठहरी हुई है दुनिया, इसी जमीं पर कोई इंसान अभी बाकी है। डॉ. पूनम गर्ग ने कविता वाचन, सचिन चौधरी ने पिता शीर्षक पर क विता पढ़ी। डॉ. क्षमा गुप्ता ने गीत वो जलाता रहा चिराग और के रात भर सुनाया। डॉ. दीपा त्यागी ने कहा कि वह मासूम लाचार है। डॉ. वंदना शर्मा ने हवा शीर्षक पर कविता सुनाई। प्राचार्या डॉ. साधना सहाय ने मेरे मन की पीड़ा रही दबी, कहीं न कहीं कुछ अनकही कविता सुनाई। एसके चौहान ने भ्रष्टाचार, नक्सलवाद पर विचार रखे। प्रतिभा त्यागी ने साम्राज्यवाद व बाल साहित्य पर प्रकाश डाला। डॉ. रविंद्र ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय साहित्य पर विचार रखे। संयोजिका डॉ. पारुल त्यागी ने रिपोर्ट पढ़ी। कॉलेज प्राचार्या डॉ. साधना सहाय ने आभार व्यक्त किया। डॉ. रेखा सेठ, डॉ. विनेता, डॉ. अनुरिता, डॉ. हुमेरा, डॉ. अर्शिया, डॉ. कोमल त्यागी ने सहयोग दिया।