फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्माण सामग्री सड़क पर मिली तो जुर्माना लगेगा 50 हजार

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। सड़कों पर भवन निर्माण सामग्री रखकर बेचने और भवन निर्माण के लिए सामग्री सड़क पर डलवाने वालों के खिलाफ नगर निगम का अभियान शनिवार को भी जारी रहा। 80 ट्रॉली निर्माण सामग्री जब्त की गई तो 150 दुकानदारों को 50 हजार रुपये जुर्माने के नोटिस भेजे गए हैं।
विज्ञापन

नगर निगम प्रशासन ने गढ़ रोड, टीपीनगर, कंकरखेड़ा, रुड़की रोड इलाकों में दो दिन से अभियान चलाया हुआ है। इस दौरान बालू रेत, डस्ट, रोड़ी आदि जब्त किया है। प्रत्येक दुकानदार पर 50 -50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जहां प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा किए गए तो कुछ दुकानदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
ये हैं नियम
अगर महानगर में किसी भी व्यक्ति को अपना भवन निर्माण कराना है, तो उसकी सूचना नगर निगम को देनी होती है। कुछ शुल्क जमा करके नगर निगम से निर्माण सामग्री संबंधी अनुमति लेनी होती है। इससे जहां निगम को राजस्व प्राप्त होता हैं, वहीं निर्माण सामग्री को भी उचित स्थान पर डाले जाने की अनुमति दी जाती है।
विज्ञापन

एनजीटी के निर्देश पर जुर्माना
- सड़क पर खुले निर्माण सामग्री डाली तो - 50 हजार रुपये
- नाले में कूड़ा डालते पकड़े जाने पर - 20 हजार रुपये
- पराली, प्लास्टिक, कूड़ा जलाने पर - पांच हजार रुपये
विक्रेता के पास हो लाइसेंस
निर्माण सामग्री जैसे ईंट, सीमेंट, रोड़ी, डस्ट, बालू रेत आदि सामान बेचने वाले व्यापारियों को खनन नियमावली के अंतर्गत लाइसेंस लेना अनिवार्य है। लेकिन महानगर में ऐसा नहीं है। शासनादेश को ताक पर रखकर जब चाहे जहां चाहे, वहीं सड़क पर डालकर निर्माण सामग्री बेची जा रही है। जो सीधे मानव जीवन को प्रभावित कर रही है। निर्माण सामग्री से कुछ कण हवा के साथ उड़कर सांस के जरिए मानव शरीर तक पहुंचते हैं।
सख्ती से करा रहे पालन
नगर निगम के संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में महानगर को चार भागों में बांटकर सख्ती से अभियान चलाया जा रहा है। खुले में निर्माण सामग्री मिलने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने के साथ निर्माण सामग्री भी जब्त की जा रही है।
विज्ञापन

- एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद नगर निगम चला रहा अभियान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें