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स्वाइन फ्लू के 11 और मरीज, कम प्रतिरोधक क्षमता वाले आ रहे चपेट में

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मेरठ।
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स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बाबत स्वास्थ्य विभाग ने एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें स्वाइन फ्लू बढ़ने की वजह लोगों में प्रतिरोधक कम होना बताया है। माना गया है कि प्रतिरोधक क्षमता कीकमी से ही स्वाइन फ्लू ज्यादा आक्रामक हो रहा है।
यह रिपोर्ट 374 मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत के बाद तैयार की गई है। इनमें से अधिकतर मरीज ऐसे मिले, जिनमेंरोग प्रतिरोधक क्षमता कम पाई गई। इनके अतिरिक्त जिन 21 लोगों की मृत्यु हुई है, उनमें से 19 हाई रिस्क ग्रुप थे। इनमें 13 महिलाएं थीं। लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने 30 हजार पंफ्लेट छपवाएं हैं। उन्हें शहर और देहात में बांटा जाएगा। इन पंफ्लेट में बताया कि स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है, कब जांच कराएं और कैसे बचाव करें। स्वाइन फ्लू इन्फलुएंजा टाइप-ए वायरस से फैलता है। यह रोग मूलत: शूकरों से मनुष्य जाति में फैलता है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, रक्तचाप में गिरावट, थूक और बलगम में खून और नाखून नीले पड़ने लगें तो तुरंत स्वाइन फ्लू की जांच कराएं। ऐसी स्थिति में तुरंत स्वाइन फ्लू की दवा ऑसल्टामिविर की आवश्यकता है।
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रोगी के बर्तन अलग रखें
स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज के परिजन रोगी के इस्तेमाल वाले बर्तन और अन्य वस्तुएं अलग रखें। जिससे संक्रमण की आशंका को कम किया जा सके।
हाई रिस्क ग्रुप में आने वाले मरीजों को ज्यादा खतरा
पांच वर्ष से कम उम्र केबच्चे और 65 साल से अधिक के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, हृदय, फेफड़े और लंबे समय से चल रहे मरीजों को हाई रिस्क ग्रुप में रखा है। इन्हें ज्यादा खतरा है।
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मुख्य बातें
स्वास्थ्य विभाग ने तैयार की रिपोर्ट
स्वाइन फ्लू से बचाव और जागरूकता के लिए छपवाए 30 हजार पंफ्लेट

छह बच्चों समेत 11 को स्वाइन फ्लू
मेरठ। स्वाइन फ्लू के 11 नए मरीज मिले हैं, जिनमें 10 मेरठ के हैं। जिले में अब तक 384 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि मेडिकल अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी लैब से बृहस्पतिवार को जिन लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, उनमें मेरठ के एक वर्षीय अदरित निवासी माधवपुरम, तीन वर्षीय शाकिब निवासी सोतीगंज, शशि (57) निवासी रुड़की रोड, दो वर्षीय अब्दुस समी निवासी औरंगाबाद रसूलपुर, हेमंत कुमार (30) निवासी शास्त्रीनगर, संगीता सिरोही (55) निवासी लक्ष्मी विहार, पांच वर्षीय प्रिंस निवासी वृंदावन गार्डन फेज द्वितीय, दो वर्षीय भूमित निवासी मोहल्ला जतन फलावदा, एक महीने की आयुषि निवासी नंगला कबूलपुर और दीपक गुप्ता (37) निवासी मेडिकल कॉलेज कैंपस हैं। इनके अतिरिक्त लज्जापुरी कोतवाली हापुड़ निवासी बबली देवी (40) है। उन्होंने बताया कि मेडिकल में अब तक 1356 सैंपलों की जांच हुई, जिनमें 506 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें मेरठ के 381 लोग हैं, जबकि तीन की पुष्टि दिल्ली की लैब से हुई थी।
मुख्य बातें
मेरठ के384 लोगों को हो चुकी स्वाइन फ्लू की पुष्टि
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