ईदुल-अज़हा पर हज के अरकान भी होते हैं पूरे
मेरठ। ईदुल-अज़हा पर कुर्बानी के साथ हज के अरकान पूरा करने लिए भी खास समय है। जमियत उलमा से कारी सलमान ने बताया कि चांद की 7 से 10 तारीख तक हज के अहम अरकान पूरे किये जाते हैं। जिसमें शैतान को कंकर मारने और तवाफे ज़ियारत करने जैसे फर्ज पूरे होते हैं।
चांद की 10 तारीख को बकरा ईद का त्योहार मनाया जाता है। हज के दौरान हाजियों पर दो कुर्बानी फर्ज हो जाती है। एक कुर्बानी सऊदी अरब में हज के अरकान पूरे करने के बाद होती है। एक कुर्बानी उसको वापस अपने वतन लौटकर करनी होती है। क़ारी सलमान ने कहा कि करीब साढे़ तीन हजार साल पहले इब्राहिम अलैहिस्सलाम के समय में कुर्बानी की रिवायत शुरू की गई। जो आज भी मुस्लिम वर्ग के लोग मनाते आ रहे हैं।