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बिजली कटौती से फसलों की सिंचाई पर संकट

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बिजली कटौती से फसलों की सिंचाई पर संकट
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- गांवों में नहीं हो पा रही तय शेड्यूल अनुसार बिजली आपूर्ति
- गेहूं कटाई के बाद गन्ने की बुआई कर रहे किसान, फसल को चाहिए पानी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। गर्मी में बेतहाशा बिजली कटौती से फसलों की सिंचाई पर संकट आ गया है। गांवों में शेड्यूल से कम बिजली आपूर्ति के चलते नलकूपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बिजली नहीं आने से फसलों की सिंचाई समय पर नहीं हो पा रही है। जबकि इस समय गेहूं कटाई के बाद गन्ने की बुआई जोरों पर चल रही है। खेत की तैयारी से लेकर गन्ने की फसल के लिए पानी बेहद जरूरी है।
शासन के आदेश के मुताबिक गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर जारी किया गया है। लेकिन गर्मी बढ़ते ही पीवीवीएनएल का रोस्टर गड़बड़ा गया है। किसानों का कहना है कि अब रोस्टर अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जितनी बिजली आती है उसमें भी कई बार कट लगता है। बिजली कटौती का सबसे बड़ा नुकसान फसलों की सिंचाई नहीं होने से हो रहा है। दौराला ब्लॉक के गांव चिंदौड़ी निवासी संदीप, कपिल और सरूरपुर ब्लॉक के गांव पाथौली निवासी वरुण सांगवान आदि ने बताया कि पिछले एक महीने से रोस्टर अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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...तो करेंगे आंदोलन
रालोद और भाकियू ने स्थिति नहीं सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान और भाकियू के जिला संगठन मंत्री संजय दौरालिया का कहना है कि बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ऊर्जा भवन का घेराव किया जाएगा।
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